
Mahakumbh Viral IIT Baba Abhey Singh: IIT बाबा अभय सिंह अपने आध्यात्मिक ज्ञान की वजह महाकुंभ में वायरल हुए थे, अब शादी को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने बेंगलुरु की इंजीनियर प्रतिका से महाशिवरात्रि पर हिमाचल में विवाह किया. दोस्ती से शुरू हुई यह लव स्टोरी अब नई जिंदगी में बदल गई, जिससे सोशल मीडिया पर हलचल मच गई है.
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अपनी फर्राटेदार अंग्रेजी और गहरी आध्यात्मिक बातों से करोड़ों लोगों का ध्यान खींचने वाले ‘IIT बाबा’ यानी अभय सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं. लेकिन इस बार वजह कोई प्रवचन नहीं, बल्कि उनके जीवन का एक बड़ा बदलाव है. महाकुंभ में ‘मिस्ट्री बाबा’ के रूप में वायरल हुए अभय सिंह ने शादी कर ली है. उनकी दुल्हन कोई और नहीं, बल्कि बेंगलुरु की एक हाई-प्रोफाइल इंजीनियर हैं. सन्यास और वैराग्य की चर्चाओं के बीच बाबा की शादी की तस्वीरों ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है, जिससे उनके प्रशंसक हैरान भी हैं और खुश भी.
कब और कहां हुई शादी?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभय सिंह और बेंगलुरु की इंजीनियर प्रतिका की शादी 15 फरवरी को हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में संपन्न हुई. दिलचस्प बात यह है कि इस विवाह के लिए महाशिवरात्रि का पावन दिन चुना गया, जो भगवान शिव के प्रति अभय की अटूट श्रद्धा को दर्शाता है. बताया जा रहा है कि यह जोड़ा पिछले लगभग एक साल से एक-दूसरे को जानता था. हिमाचल में गुपचुप तरीके से शादी रचाने के बाद जब यह जोड़ा अभय के पैतृक निवास हरियाणा के झज्जर पहुंचा, तब जाकर उनकी शादी की खबर सार्वजनिक हुई. अब सोशल मीडिया पर उनकी सादगी भरी शादी की तस्वीरें तेजी से ट्रेंड कर रही हैं.
कैसे शुरू हुई लव स्टोरी?
अपनी नई जिंदगी के बारे में बात करते हुए दुल्हन प्रतिका ने बताया कि उनके रिश्ते की शुरुआत एक गहरी दोस्ती के रूप में हुई थी. समय बीतने के साथ दोनों का आपसी विश्वास बढ़ता गया और उन्होंने शादी करने का फैसला लिया. प्रतिका ने अभय सिंह की तारीफ करते हुए उन्हें एक बेहद सरल, ईमानदार और सच्चा इंसान बताया है. उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे दोनों एक-दूसरे के साथ बहुत खुश हैं. अभय के व्यक्तित्व में जो ठहराव और सच्चाई महाकुंभ के दौरान दिखी थी, वही गुण प्रतिका को उनके करीब ले आए और एक टेक-प्रोफेशनल व आध्यात्मिक व्यक्तित्व का यह अनूठा मिलन हकीकत में बदल गया.
आध्यात्म और विज्ञान का अनोखा मेल?
मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले अभय सिंह की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. उन्होंने प्रतिष्ठित संस्थान IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, लेकिन सफलता की दौड़ छोड़ उन्होंने अध्यात्म का रास्ता चुना. वे तब चर्चा में आए जब महाकुंभ में उन्हें कठिन आध्यात्मिक दर्शन को सरल अंग्रेजी में समझाते हुए देखा गया. अभय का मानना है कि विज्ञान भौतिक दुनिया की व्याख्या करता है, जबकि उसकी गहरी समझ इंसान को अध्यात्म की ओर ले जाती है. मुंबई में चार साल रहने और फोटोग्राफी व कला में हाथ आजमाने के बाद अब भगवान शिव के इस भक्त ने जीवन की नई पारी की शुरुआत की है.





