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इजराइल ने तेहरान में उडा दिये तीन एयरपोर्ट, नेवी बेस उड़ाया, सबसे बड़ी गैस फील्ड तबाह


वॉशिंगटन। इजराइल ने सोमवार को ईरान में कई अहम सैन्य ठिकानों पर हमले किए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान के पास मौजूद तीन एयरपोर्ट्स पर भारी बमबारी की गई। इजरायल का कहना है कि इन हमलों में कई एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और दूसरे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इसी दौरान बुशहर में ईरान के बड़े नेवी बेस पर भी जोरदार धमाका हुआ। यहां नेवल बेस के साथ एयरफोर्स बेस, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन के अंडरग्राउंड स्टोरेज मौजूद थे।

इसके अलावा इजराइल ने ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड, साउथ पार्स, पर भी फिर से हमला किया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड है और ईरान के लिए बहुत अहम है। इस हमले से ईरान की ऊर्जा सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

ईरान ने ग्लोबल सप्लाई ठप करने की धमकी दी

ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले बढ़े तो वह ग्लोबल सप्लाई चेन को ठप कर देगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज के अलावा दूसरे समुद्री रास्तों को भी निशाना बना सकता है।

ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि किसी भी बड़ी कार्रवाई का जवाब सिर्फ सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर असर डालकर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सिर्फ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्ते भी खतरे में आ सकते हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने का अल्टीमेटम दिया है और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

इससे पहले ईरान के करीबी माने जाने वाले यमन के हूती विद्रोही रेड सी में जहाजों पर हमले की बात कह चुके हैं।

ट्रम्प बोले- ईरानी मजबूत लड़ाके, लेकिन पहले जितने ताकतवर नहीं
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरानी लोग अच्छे और मजबूत लड़ाके हैं, लेकिन अब पहले जितने ताकतवर नहीं रहे।

उन्होंने कहा कि दुश्मन (ईरान) मजबूत है, लेकिन एक महीने पहले जितना मजबूत था अब उतना नहीं है। लगातार हमलों और दबाव के कारण ईरान की ताकत काफी कम हुई है।

हूती लड़ाकों का इजराइली सैन्य ठिकानों पर हमला
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान और हिजबुल्लाह के साथ मिलकर इजराइल के दक्षिणी शहर इलात पर हमला किया। हूती लड़ाकों के मुताबिक, इस हमले में इजराइल के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

हूती संगठन के टीवी चैनल अल-मसीरा पर जारी बयान में कहा गया कि यह एक जॉइंट अटैक था। वहीं, इजराइल की सेना ने भी माना है कि यमन की तरफ से ड्रोन भेजे गए थे, जो इलात की ओर आए।

ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट पर इजराइल का हमला
इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के असालुयेह में बने सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला किया है। इजराइल के मुताबिक, इस प्लांट ईरान का करीब 50% पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन होता था।

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी एक और बड़े प्लांट को निशाना बनाया गया था। अब इन दोनों हमलों के बाद ईरान के ज्यादातर पेट्रोकेमिकल प्लांट काम नहीं कर रहे हैं। इन हमलों से ईरान को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है और इससे उसके सैन्य खर्च पर भी असर पड़ेगा।

ईरान में एयरपोर्ट्स और नेवी बेस पर बमबारी
इजराइल ने सोमवार को ईरान में कई अहम सैन्य ठिकानों पर हमले किए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान के पास मौजूद तीन एयरपोर्ट्स पर भारी बमबारी की गई। इजरायल का कहना है कि इन हमलों में कई एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और दूसरे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इसी दौरान बुशहर में ईरान के बड़े नेवी बेस पर भी जोरदार धमाका हुआ। यहां नेवल बेस के साथ एयरफोर्स बेस, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन के अंडरग्राउंड स्टोरेज मौजूद थे।

ईरान बोला- शायद अमेरिका रेस्क्यू मिशन के बहाने यूरेनियन चुरा रहा था
ईरान ने अमेरिका पर रेस्क्यू ऑपरेशन के बहाने यूरेनियन चुराने का शक जताया है। उसका कहना है कि यह सिर्फ पायलट को बचाने का मिशन नहीं था।

ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने कहा कि इस ऑपरेशन को लेकर कई सवाल हैं। उन्होंने बताया कि जिस जगह पायलट के होने की बात कही गई, वह उस जगह से काफी दूर थी जहां अमेरिकी सेना पहुंची।

ईरान का कहना है कि हो सकता है यह एक चाल हो और अमेरिका वहां से यूरेनियम लेने की कोशिश कर रहा हो।

ईरान की शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमला, अमेरिका-इजराइल पर आरोप
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजराइल पर तेहरान की शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह ईरान की काफी अहम यूनिवर्सिटी है, इसलिए इसे ‘ईरान का MIT’ कहा जाता है।

हमले से बचने के लिए लेबनान के हजारों लोगों ने पहाड़ में शरण ली
इजराइली हमलों से बचने के लिए दक्षिण लेबनान के हजारों लोग अब पहाड़ी इलाकों में शरण ले रहे ह

डोनाल्ड ट्रम्प आज रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प इस दौरान सेना के अधिकारियों के साथ नजर आएंगे और हाल ही में हुए एक रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में भी बात कर सकते हैं।

इस ऑपरेशन में अमेरिका ने अपने एक फाइटर जेट के क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाला था। ट्रम्प इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान को लेकर अपनी अगली रणनीति भी बता सकते हैं।

इजराइल ने दो बड़े ईरानी अधिकारियों को मारने का दावा किया
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनकी सेना ने एक बड़े ऑपरेशन में ईरान के दो अहम सैन्य अधिकारी को मार गिराया है। इन दोनों अधिकारियों में एक IRGC से जुड़े असगर बकरी (कमांडर बघेरी) और दूसरे ईरान की खुफिया एजेंसी के प्रमुख माजिद खदेमी हैं।

दो जहाज जल्द 60 हजार टन LPG लेकर भारत पहुंचेंगे
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बावजूद भारत के लिए राहत की खबर है। सरकार ने बताया कि LPG (रसोई गैस) लेकर आ रहे भारत के दो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं और जल्द भारत पहुंचेंगे।

इन जहाजों के नाम ग्रीन साध्वी और ग्रीन आशा हैं। इनमें कुल मिलाकर 60 हजार टन से ज्यादा गैस है। ग्रीन साध्वी 7 अप्रैल और ग्रीन आशा 9 अप्रैल तक भारत पहुंच सकती है।

सरकार के मुताबिक, दोनों जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनमें भारतीय नाविक भी सवार हैं। एक जहाज में करीब 46 हजार टन और दूसरे में लगभग 15 हजार टन गैस है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस समय उस इलाके में भारत के 16 जहाज मौजूद हैं, जिनमें 400 से ज्यादा भारतीय काम कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि अभी तक किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई हादसा नहीं हुआ है।

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