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ट्रंप की ’गाली वाली धमकी’ के बाद ईरान का पलटवार, मिडिल ईस्ट में लगेगी आग


नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की धमकी भरी पोस्ट के बाद ईरान ने तीखा जवाब दिया और अमेरिका को उसकी पुरानी सैन्य नाकामी की याद दिला दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला तो उसके पावर प्लांट और पुलों पर बड़े हमले किए जाएंगे।

उन्होंने अपने पोस्ट में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसा हमला होगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। यह बयान उस समय आया जब ट्रंप ने एक अमेरिकी पायलट को बचाने के ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया। उन्होंने इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक बताया। ईरान का जवाब ट्रंप के बयान के बाद ईरान ने कड़ा जवाब दिया और अमेरिकी मिशन को असफल बताया। ईरान के दूतावासों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अमेरिका को 1980 के असफल मिशन ऑपरेशन ईगल क्लॉ की याद दिलाई।

ईरान ने कहा कि इतिहास खुद को दोहरा रहा है और उस समय भी अमेरिकी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि हालिया अमेरिकी बचाव अभियान भी पूरी तरह विफल रहा। ईरान ने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचा और उनकी योजना समय रहते विफल कर दी गई। हालांकि ईरान ने यह नहीं नकारा कि अमेरिकी सैनिक अपने पायलट को निकालने में सफल रहे। दोनों देशों के दावों में टकराव अमेरिका और ईरान के दावों में बड़ा अंतर देखने को मिला। जहां ट्रंप ने ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया, वहीं ईरान ने इसे नाकाम बताया। ईरानी मीडिया ने कुछ तस्वीरें भी जारी कीं, जिनमें जले हुए विमानों के मलबे दिखाए गए।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी पायलट के पास पिस्टल, लोकेशन बताने वाला उपकरण और सुरक्षित संचार प्रणाली थी, जिससे वह बचाव दल से संपर्क में था। बचाव के दौरान कुछ अमेरिकी विमान खराब हो गए, जिन्हें दुश्मन के हाथ लगने से बचाने के लिए नष्ट करना पड़ा। इसके बाद अमेरिकी सेना ने अन्य विमानों की मदद से पायलट और बचाव दल को सुरक्षित बाहर निकाला। बढ़ा युद्ध का दायरा, कई देशों पर असर इस बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर रखा है और इजरायल समेत खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं।

संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत में भी हमलों से नुकसान की खबरें आई हैं। इराक में अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले हुए, जबकि लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला और इजरायल के बीच संघर्ष बढ़ गया है। एक हमले में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत की खबर है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि बुशेहर परमाणु संयंत्र पर हमले से रेडिएशन फैल सकता है, जिससे खाड़ी देशों में भी बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

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