
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम में जमकर तोड़फोड़, मारपीट और पुलिस लाठीचार्ज की खबर आ रही है। यह मामला बिहार के मुजफ्फरपुर का है, जहां पशु मेले में बुधवार को खेसारी लाल यादव भी पहुंचे थे। बताया जाता है कि वह जैसे ही मंच पर गाने के लिए चढ़े, दर्शकों के बीच से हूटिंग शुरू हो हुई। देखते ही देखते मंच की ओर जूते-चप्पल फेंके जाने लगे। बवाल बढ़ा तो तोड़फोड़ शुरू हो गई, लात-घूसे चलने लगे। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान 3 पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर आ रही है।
रिपेार्ट के मुताबिक, मुजफ्फपुर जिले में आयोजित पशु मेले में बुधवार शाम को खेसारी लाल यादव का कार्यक्रम पहले से तय था, इस कारण वहां भारी संख्या में भीड़ थी। इसमें सिंगर-एक्टर के फैंस भी थे। हालांकि, वह जैसे ही स्टेज पर गाने के लिए आगे बढ़े हूटिंग शुरू हो गई। भीड़ में से जूते-चप्पल फेंके जाने लगे। इस कारण दर्शक दीर्घा में फैंस और बवालियों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया। तोड़फोड़ होने लगी। लोग कार्यक्रम छोड़कर भागने को मजबूर हो गए। आयोजकों ने कार्यक्रम को बीच में ही रोक दिया।
दो दिन पहले इसी स्टेज पर डांसर्स में हुई थी मारपीट
सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियोज वायरल हो रहे हैं। पुलिस को हुड़दंगियों की भीड़ को काबू में लाने के लिए लाठीचार्ज करते हुए भी देखा जा रहा है। हालांकि, इसमें 3 पुलिसकर्मी ही घायल हो गए हैं। चौंकाने वाली बात यह भी है कि दो दिन पहले भी इसी मेले में स्टेज पर डांसरों के बीच भी मारपीट हुई थी।
पूर्व विधायक रामसूरत राय करवाते हैं मेले का आयोजन
जानकारी के लिए बता दें कि औराई विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक रामसूरत राय बीते कई साल से मुजफ्फरपुर के गरहा में इस पशु मेले का आयोजन करवा रहे हैं। बुधवार को जब यह घटना हुई, तब कथित तौर पर मेले पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। वायरल वीडियो में भी साफ दिख रहा है कि लोग स्टेज की तरफ जूते-चप्पल बरसा रहे हैं। जबकि पुलिस इन उपद्रवियों पर लाठीचार्ज कर रही है।
पुलिस बोली- मेला प्रबंधन दोषी, वहां लाखों लोग थे
मुजफ्फरपुर के वरीष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने इस पूरा घटना का दोष मेला प्रबंधन पर मढ़ा है। लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘मेला प्रबंधन ने पुलिस को पूर्व में जो सूचना दी थी, उसके मुताबिक वहां 30 से 40 हजार लोगों के जमा होने की संभावना थी। लेकिन इस कार्यक्रम में एक से डेढ़ लाख लोग पहुंच गए थे। इस कारण पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम में हमारे 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।’
उपद्रव किसने शुरू किया, जूते-चप्पल किसने फेंके, पता नहीं!
हालांकि, अभी तक यह बात सामने नहीं आई कि उपद्रव की शुरुआत करने वाले लोग कौन थे। खेसारी लाल के स्टेज पर आने के बाद हूटिंग क्यों शुरू हुई, जूते-चप्पल क्यों फेंके गए, इसको लेकर भी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।





