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ईरान ने इजरायल को ‘लंगड़ा’ कर दिया, फूंक दी वो फैक्ट्री


Iran Attack Israel: ईरान ने इजरायल के हाई-टेक डिफेंस हब पर एक बार फिर सटीक बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया है. इस बार निशाना था पेताह टिकवा शहर में स्थित इजरायली कंपनी एयरोसोल की ड्रोन फैक्ट्री. ईरानी मीडिया और कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक मिसाइल सीधे फैक्ट्री पर गिरी और काफी नुकसान पहुंचाया. एयरोसोल इजरायल की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी है जो रक्षा बलों और सरकारी उपयोग के लिए UAV (ड्रोन) प्लेटफॉर्म, कंपोनेंट्स और पूरी तकनीक विकसित करती है. कंपनी मुख्य रूप से कम्पोजिट मटेरियल, मिनी UAV सिस्टम और हाई-एंड एयरोनॉटिकल पार्ट्स बनाती है.

ये ड्रोन खासतौर पर जासूसी (ISR – Intelligence, Surveillance and Reconnaissance) मिशनों के लिए इस्तेमाल होते हैं. इनकी खासियत है बेहद कम आवाज और छिपकर उड़ने की क्षमता, जो दुश्मन क्षेत्र में लंबे समय तक जासूसी करने में बेहद कारगर हैं. इजरायली सेना ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन कंपनी के सूत्रों और सैटेलाइट इमेजरी से नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं. इजरायल के लिए यह हमला इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि AeroSol जैसी कंपनियां न सिर्फ IDF बल्कि अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों को भी ड्रोन सप्लाई करती हैं.

इस हमले से इजरायल को क्या नुकसान?
फैक्ट्री में ड्रोन प्लेटफॉर्म और पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग रुक जाएगी. इजरायल पहले से ही ईरान के खिलाफ लगातार ड्रोन अभियान चला रहा है और नए ड्रोन बनने में उन्हें देरी होगी.
AeroSol के ड्रोन IDF की आंख और कान हैं. ईरान पर नजर रखने, मिसाइल ठिकानों को ट्रैक करने और सटीक हमले करने में ये ड्रोन अहम भूमिका निभाते हैं. फैक्ट्री के नुकसान से इजरायल को पुराने स्टॉक पर निर्भर रहना पड़ेगा या विदेश से जल्दी आयात करना पड़ेगा.
युद्ध के 35वें दिन ईरान ने इजरायल की डिफेंस इंडस्ट्री को सीधा निशाना बनाया है. इससे पहले पेताह टिकवा पर हमलों में इमारतों को नुकसान हुआ था लेकिन इस बार साफ तौर पर ड्रोन फैक्ट्री को टारगेट किया गया.

ईरान की रणनीति साफ
ईरान अब इजरायल की हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बना रहा है ताकि इजरायल की हवाई श्रेष्ठता और जासूसी क्षमता कमजोर हो. युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला ऐसा हमला नहीं है, लेकिन ड्रोन फैक्ट्री पर सटीक वार ने इजरायल को साफ संदेश दे दिया है- ‘तुम हमारे मिसाइल ठिकानों पर हमला कर रहे हो, हम तुम्हारी ड्रोन फैक्ट्रियों को नष्ट कर देंगे.’ अगर एयरोसोल जैसी फैक्टरियां बार-बार निशाने पर आईं तो इजरायल को ड्रोन की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जो पूरे युद्ध के रुख को बदल सकता है.

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