
बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब यहां खून की जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से मरीजों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी और जांच प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस AI सिस्टम में अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जो कम समय में बड़ी संख्या में सैंपल की जांच कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि यह मशीन एक घंटे में सैकड़ों सैंपल की जांच करने में सक्षम है।
सूबे का पहला AI आधारित अस्पताल
जानकारी के अनुसार, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) सूबे का पहला अस्पताल बनने जा रहा है, जहां AI आधारित पैथोलॉजी जांच प्रणाली लागू की जाएगी। इस सिस्टम के तहत हर मरीज के लिए एक यूनिक जांच आईडी बनाई जाएगी। इस आईडी के जरिए मरीज अपनी जांच से जुड़ी सभी जानकारी आसानी से देख सकेंगे।
डिजिटल होगी पूरी जांच प्रक्रिया
नई व्यवस्था में मरीज का सैंपल लेते ही उसे सिस्टम में दर्ज कर दिया जाएगा। इसके बाद जांच की पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी होगी। जैसे ही रिपोर्ट तैयार होगी, मरीज के मोबाइल पर मैसेज के जरिए सूचना मिल जाएगी। इससे मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जांच में होने वाली देरी कम होगी और रिपोर्ट अधिक सटीक मिलेगी।
डॉक्टर भी मरीज की पूरी जांच रिपोर्ट ऑनलाइन देख सकेंगे, जिससे इलाज में तेजी आएगी। जरूरत पड़ने पर मरीज को सीधे ओपीडी या इमरजेंसी विभाग में भेजने की सुविधा भी मिलेगी। फिलहाल इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है और जल्द ही इसकी शुरुआत हो सकती है। इसके शुरू होते ही भागलपुर समेत आसपास के जिलों के मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।





