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इजरायल-ईरान युद्ध का साइड इफेक्ट: यूपी घर बनाना हुआ 42% महंगा


आगरा: रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अब मिडिल ईस्ट यानी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर हर भारतीय की जेब पर दिखने लगा है. युद्ध की वजह से बाजार में भारी उथल-पुथल मची हुई है. लोहा, सीमेंट, सरिया, मार्बल, टाइल्स और सेनेटरी आइटम तक की कीमतों में 15 से 42 प्रतिशत तक का उछाल आया है. इस महंगाई ने लोगों के घर बनाने के सपनों को झटका दिया है.

निर्माण लागत में बढ़ोतरी: भवन निर्माण में उपयोग होने वाले लगभग सभी आइटम्स की कीमतें बढ़ चुकी हैं. कारोबारियों का मानना है कि आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं. रोटी, कपड़ा और मकान हर आम आदमी की बुनियादी जरूरत होती है. लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात ने मकान बनाना मुश्किल कर दिया है.

वैश्विक युद्ध का सीधा असर भारत पर: रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ ही अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है. जो लोग घर बनाने की योजना बना रहे थे, उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. निर्माण सामग्री की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं.

निर्माण सामग्री हुई महंगी: मकान की मजबूती के लिए लोहा, सरिया, सीमेंट, ईंट, एल्यूमीनियम और पीवीसी जैसी सामग्री जरूरी होती है. पिछले एक महीने में इन सभी की कीमतों में तेजी आई है. इससे लोगों का बजट बिगड़ गया है. अब आम आदमी के लिए घर बनवाना मुश्किल होता जा रहा है.

लोहे और सरिया की कीमतों में उछाल: लोहा व्यापार एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश मित्तल के अनुसार वैश्विक तनाव से सबसे ज्यादा असर लोहे के कारोबार पर पड़ा है. एक महीने में लोहे के दाम करीब 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं. अफवाहों ने भी कीमतों को और बढ़ाने का काम किया है. प्रति टन कीमतों में करीब 2000 रुपये तक का अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है.

बाजार में मंदी और बढ़ती लागत: लोहा और सरिया कंपनियां लगातार दाम बढ़ा रही हैं. जबकि उपभोक्ता मांग में कमी देखी जा रही है. इसके बावजूद मटेरियल की लागत बढ़ रही है. इसका असर खुदरा बाजार में मंदी के रूप में दिख रहा है.

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