
नई दिल्लीः भारत ने इस बात की पुष्टि की है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए बातचीत की खातिर उसे भी आमंत्रित किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन की तरफ से कई देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बातचीत के लिए बुलाया गया है, जिसमें भारत भी शामिल है। भारत की तरफ से विदेश सचिव गुरुवार शाम इस बैठक में शामिल हुए।
भारत ईरान और वहां के दूसरे देशों के संपर्क में
रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम ईरान और वहां के दूसरे देशों के संपर्क में हैं, ताकि यह देख सकें कि हम अपने जहाजों के लिए बिना किसी रुकावट के और सुरक्षित आवाजाही कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं। इन जहाजों में LPG, LNG और अन्य सामान ले जाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में हुई बातचीत के जरिए, हमारे छह भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार करने में कामयाब रहे हैं, और हम संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं।”
भारत खुले कमर्शियल शिपिंग, समुद्री सुरक्षा के पक्ष में
बहरीन प्रस्ताव पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “यह खास प्रस्ताव UN सुरक्षा परिषद में विचाराधीन है। हमें यह भी पता है कि संबंधित पक्ष यानी सुरक्षा परिषद के सदस्य – अभी इस खास मसौदे पर बातचीत कर रहे हैं।”
होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के प्रयास में ब्रिटेन जुटा
बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने की राह निकालने और इसे दुनिया के लिए सुरक्षित बनाने की मुहिम के तहत ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 40 देश शामिल हुए जिनमें भारत भी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में बताया कि ब्रिटेन की ओर से भारत को भी एक खत मिला है और इसमें हमारी नुमाइंदगी भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री कर रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के रास्ते की तलाश
बुधवार को होर्मुज पर अहम बैठक की घोषणा ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने की थी। उन्होंने कहा था कि जल्द ही ये बैठक होगी।
गुरुवार को ऑनलाइन मोड में इसका आयोजन किया गया। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के रास्ते तलाशना है।
बैठक के दौरान कूपर ने होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे वैश्विक आर्थिक सुरक्षा पर सीधा हमला बताया।
अहम बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान की लापरवाही ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को गंभीर खतरे में डाल दिया है। उन्होंने दावा किया कि ब्रिटेन इस संकट को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की कोशिश में आगे बढ़ रहा है।
ब्रिटेन का लक्ष्य होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री रास्तों को फिर से सुरक्षित और चालू करना है, जिसे ईरान ने अमेरिका-इजरायल अभियान के जवाब में निशाना बनाया है।
होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हैं 2,000 जहाज
यवेट कूपर के अनुसार, इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में अब तक 25 से अधिक जहाजों पर हमले हो चुके हैं।
करीब 2,000 जहाजों पर सवार लगभग 20,000 नाविक फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी, ओमान और इराक के व्यापार मार्गों पर ही नहीं एशिया के लिए LNG, अफ्रीका के लिए खाद और पूरी दुनिया के लिए जेट फ्यूल की आपूर्ति पर असर पड़ा है।





