Wednesday, February 25, 2026
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AI समिट के दौरान हिमाचल सदन में ‘हुड़दंगियों’ को पनाह पर भड़के जयराम ठाकुर, सुक्खू सरकार पर साधा निशाना

AI समिट के दौरान हिमाचल सदन में ‘हुड़दंगियों’ को पनाह पर भड़के जयराम ठाकुर, सुक्खू सरकार पर साधा निशाना

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन के मद्देनजर तीखा हमला बोला है. उन्होंने प्रदर्शन करने वाले युवकों के ठहरने की खबरों पर प्रदेश की सुक्खू सरकार को आड़े हाथों लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. केंद्र व दिल्ली सरकार से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. जयराम ठाकुर ने मंडी से जारी प्रेस बयान में कड़े शब्दों में प्रहार करते हुए पूछा कि क्या यही मुख्यमंत्री का वह ‘व्यवस्था परिवर्तन’ है, जिसके तहत उस स्थान पर असामाजिक तत्व कमरा लेकर हुड़दंग मचा रहे हैं जहां स्वयं मुख्यमंत्री ठहरे हुए थे.

दिल्ली में उन्हें कौन राजनीतिक संरक्षण दे रहा है- जयराम ठाकुर
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी लोकप्रिय केंद्र सरकार के खिलाफ साजिश रचने वालों को न केवल हिमाचल सदन में पनाह दी गई, बल्कि वहां पैसों का अवैध लेन-देन तक होने की सूचनाएं हैं, जो राज्य की छवि के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है. नेता प्रतिपक्ष ने इस घटनाक्रम को कांग्रेस के असली चरित्र का प्रमाण बताते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि सरकारी संपत्ति का उपयोग देश के शीर्ष नेतृत्व के विरुद्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके इशारे पर इन प्रदर्शनकारियों को सदन में ठहराया गया और दिल्ली में उन्हें कौन राजनीतिक संरक्षण प्रदान कर रहा था, क्योंकि बिना किसी ऊंचे रसूख के ऐसे संवेदनशील स्थान पर रुकना संभव नहीं है.

जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की जनता का पैसा उन वकीलों पर लुटाया जा रहा है जो सरकार के गलत कार्यों को सही ठहराने के लिए मोटी फीस वसूल रहे हैं, जबकि प्रदेश की आर्थिक स्थिति बदहाल है. उन्होंने मांग की है कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इस मामले की तह तक जाएं कि इन तत्वों के पीछे कौन-सी ताकतें सक्रिय थीं.

अतिथि गृह ‘साजिश का अड्डा’ कैसे बना- जयराम ठाकुर
जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि देवभूमि हिमाचल की गरिमा को इस तरह धूमिल नहीं होने दिया जाएगा और सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर सरकारी अतिथि गृह ‘साजिश का अड्डा’ कैसे बन गया. उनका कहना है कि पुलिस की जांच में हिमाचल सदन का नाम आना यह दर्शाता है कि सत्ता के संरक्षण में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े होते हैं.

उन्होंने कहा कि हिमाचल का मंत्रिमंडल आजकल कांग्रेस हाईकमान, हारे-नकारे और भ्रष्ट नेताओं का मार्गदर्शन लेने निकला है, जो प्रदेश के लिए और भी दुर्भाग्यपूर्ण है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू अगर चाहते तो वित्तीय मदद के लिए प्रधानमंत्री से मिल सकते थे, लेकिन इन्हें तो राजनीति करनी है और गांधी परिवार के दबाव में आकर प्रधानमंत्री जी को गाली देना ही इनका एकमात्र काम रह गया है.

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