
Vidisha Fake Registry Case: विदिशा शहर के स्टेशन रोड स्थित चार नंबर प्लेटफॉर्म के पास एक कीमती भूखंड की फर्जी रजिस्ट्री के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई के बाद भू-माफिया और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह में हड़कंप मच गया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला करोड़ों रुपए के भूखंड से जुड़ा है, जिसे कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से अपने नाम कराने की साजिश रची गई थी.
वहीं फरियादिया श्रीमती भावना मिश्रा की शिकायत पर पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की. जांच के दौरान सामने आया कि शिवाजी चौक निवासी तपन तिवारी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी वसीयत और शपथ पत्र तैयार कराए. इन कागजों के आधार पर भूखंड की रजिस्ट्री करवा ली गई. पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए तपन तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है.
फर्जी रजिस्ट्री का मामला
जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल गवाहों की भूमिका संदिग्ध है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गवाहों ने किन परिस्थितियों में और किस प्रलोभन में आकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए. इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है. पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह का मामला हो सकता है.
आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है, जिनमें धोखाधड़ी, कूटरचना, जाली दस्तावेज का उपयोग और आपराधिक साजिश शामिल हैं. टीआई आरके मिश्र ने बताया कि आरोपी तपन तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों व संदिग्ध गवाहों की तलाश जारी है. पुलिस ने जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है.





