
किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में साफ मौसम के बीच पूरा पहाड़ एनएच-5 पर दरक गया। शोंगठोंग के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरक कर पहुंच गया। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें गिरने के कारण सड़क पर करीब चार फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। गनीमत रही कि जब भारी भूस्खलन हुआ तो कोई वाहन इस मलबे की चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। इस दौरान वाहन चालक बाल-बाल बच गए, वह खतरे को भांप कर रुक गए थे। किन्नौर में इसी एनएच पर निगुलसेरी में कुछ साल पहले भारी भूस्खलन की चपेट में कई वाहन आ गए थे, जिसमें भारी जानमाल का नुकसान हुआ था।
घंटों फंसे रहे वाहन
भूस्खलन के बाद तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। मार्ग बंद होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री घंटों तक फंसे रहे। इस दौरान कई लोग जान जोखिम में डालकर पैदल ही अवरुद्ध मार्ग को पार करते हुए देखे गए, जिससे हादसे की आशंका बनी रही।
कड़ी मशककत के बाद मार्ग एकतरफा बहाल
सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मार्ग को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन ने एकतरफा यातायात बहाल किया है। सड़क को आंशिक रूप से ही बहाल किया गया है। इसके बाद वाहनों की आवाजाही पुनः शुरू हो गई।
प्रशासन की लोगों से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक जोखिम न लें। भूस्खलन संभावित क्षेत्र में खतरे को भांप लें, यदि पत्थर गिर रहे हैं तो रिस्क न लें व रुक जाएं।





