
शिमला: फार्मा उत्पादन के क्षेत्र में पूरे एशिया महाद्वीप में दबदबा बनाने वाले हिमाचल में दवाओं के सैंपल फेल होने का सिलसिला आम हो गया है. प्रदेश के फार्मा क्षेत्र का यह पहलू हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ देश के फार्मा सेक्टर के लिए भी बड़ी चिंता का कारण बन गया है. प्रदेश में हर साल दावों के सैंपल फेल होने के मामले सामने आ रहे हैं.
3 सालों में दवा सैंपल फेल होने के आंकड़े
अब हिमाचल प्रदेश विधानसभा से बीते 3 सालों के दौरान दवा सैंपल फेल होने के जो आंकड़े सामने आए हैं, वो चिंता बढ़ाने वाले हैं. प्रदेश में निर्मित 2,315 दवाओं के सैंपल फेल रिपोर्ट किए गए हैं. विधासभा में राज्य में निर्मित दवाओं के सैंपल फेल होने को लेकर पूछा गया था. जिस पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री की ओर से सदन में जवाब दिया गया है.
डिप्टी चीफ विप केवल सिंह पठानिया ने पूछा सवाल
शाहपुर से कांग्रेस विधायक और प्रदेश सरकार के डिप्टी चीफ विप केवल सिंह पठानिया की ओर से विधानसभा में दवाईयों के सैंपल को लेकर अतारांकित प्रश्न पूछा गया था. अपने सवाल में केवल सिंह पठानिया ने पूछा, ‘बीते तीन वर्षों में दिनांक 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में बनने वाली कितनी दवाइयों के सैम्पल फेल हुए? इसके अलावा पठानिया ने ऐसी कंपनियों का ब्यौरा भी मांगा जिनमें बनने वाली दवाईयों के सैंपल बार-बार फेल हो रहे हैं. कंपनियों का नाम सहित ब्यौरा मांगते हुए पठानिया ने पूछा कि ऐसी कंपनियों पर सरकार की ओर से क्या कार्रवाई की गई.
इस जिले में सबसे ज्यादा दवा कंपनियों के सैंपल फेल
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने अपने लिखित जवाब में इस पूरे मामले पर जानकारी दी है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने अपने जवाब में बताया, ‘प्रदेश में बीते 3 वर्षों में 2 हज़ार 315 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं. प्रदेश में दवाओं के सैंपल फेल होने का ये आंकड़ा साल 2023 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक का है’.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए इस लिखित जवाब में प्रदेशभर में ऐसी 53 कंपनियों की सूची भी दी गई है जिनके दवा सैंपल बार-बार फेल हुए हैं. हिमाचल प्रदेश के प्रदेश के विभिन्न फार्मा क्षेत्र बद्दी, परवाणू और कालाअंब में स्थापित कंपनियों के दवा सैंपल फेल हुए हैं. इसमें जिला सोलन की 42, जिला सिरमौर की 12 और जिला ऊना की 2 दवा निर्माता कंपनियों के सैंपल बार-बार फेल हुए हैं.
बार-बार दवाइयों के सैंपल फेल होने पर फार्मों पर हुई कार्रवाई
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने अपने लिखित जवाब में बताया कि प्रदेश सरकार ने ऐसी दवा निर्माता फार्मों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनके दवा सैंपल बार-बार फेल हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ऐसी दवा फार्मों का CDSCO के साथ मिलकर रिस्क निरीक्षण किया गया और कंप्लायंस वेरिफिकेशन की चेतावनी दी गई. इसके अलावा कुछ कंपनियों का दवा निर्माण लाइसेंस भी सरेंडर किए गए हैं. इसके अलावा कुछ कंपनियों पर विशेष दवाओं के निर्माण पर रोक लगाई गई है.





