
उज्जैन: महाकाल मंदिर के समीप मुस्लिम बाहुल्य बेगमबाग क्षेत्र में देर रात प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। इस दौरान आधा दर्जन पोकलेन मशीनों की मदद से 16 अवैध भवनों को जमींदोज कर दिया गया। बताया जा रहा है कि लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे समाप्त होने के बाद यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि वर्ष 1985 के आसपास यूडीए द्वारा एक आवासीय योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत फ्रंट के मकान आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किए गए थे, लेकिन समय के साथ लीज शर्तों का उल्लंघन किया गया। सुनवाई के बाद करीब 45 लीज निरस्त की गईं।
उन्होंने बताया कि कई भूखंडों का अवैध विभाजन भी किया गया, जिससे लगभग 90-95 निर्माण खड़े हो गए थे। पूर्व में भी कुछ निर्माण हटाए जा चुके हैं। आज की कार्रवाई में 11 भूखंडों पर बने 16 अवैध निर्माणों को हटाया गया है। हटाए गए भूखंडों का कब्जा यूडीए द्वारा लिया जाएगा।
सीईओ के अनुसार, हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग को व्यवस्थित करने के लिए इस जमीन का उपयोग किया जाएगा। कार्रवाई महाकाल मंदिर के नीलकंठ द्वार के पास से शुरू की गई। वहीं, सीएसपी राहुल देशमुख ने बताया कि बेगमबाग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। कोतवाली अनुभाग के सभी थाना प्रभारियों को भी मौके पर लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि आसपास की गलियों में बैरिकेडिंग की गई है और ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। आने-जाने के लिए एक मार्ग खुला रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।





