
Rajasthan News: राजस्थान में कल से सरसों (₹6,200) और चने (₹5,875) की MSP पर खरीद शुरू होगी. श्रीगंगानगर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के 19 जिलों में पहले चरण में तुलाई होगी. पारदर्शिता के लिए बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य की गई है.
राजस्थान के किसानों को कल से राहत मिलने वाली है.न्यूनतम समर्थन मूल्य पर राज्य में कल से खरीद शुरू होगी.इसके लिए खरीद केंद्रों पर तैयारियां पूरी हो गई है. बता दें कि जिन किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है उन्हें एमएसपी चना और सरसों की खरीद होगी.आखिरकार किस समर्थन मूल्य पर किस उपज की खरीद होगी.
बता दें कि राजस्थान के अन्नदाताओं से प्रदेश सरकार MSP पर रबी की उपज खरीदेगी.जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके,इसीलिए केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद कर रही है. बता दें कि राजस्थान में कल से उपज की खरीद होगी.
इसके लिए सहकारिता विभाग ने राजफैड के जरिए खरीद केंद्र बनाए है.राज्य सरकार किसानों से सरसों और चने की न्यूनतम समर्थन पर खरीद करेगी.राजफेड के चार क्षेत्रीय कार्यालयों कोटा,अजमेर,भरतपुर और श्रीगंगानगर में कल से खरीद शुरू होगी.केंद्र सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल और चने का समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है. राज्य में सरसों की 13.78 लाख मीट्रिक टन और चने की 5.53 लाख मीट्रिक टन खरीद की सीमा निर्धारित की गई है.
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिलेवार सीमा ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई है. अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में एनसीसीएफ द्वारा और जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर और भरतपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 22 जिलों में नेफेड द्वारा खरीद कार्य करवाया गया.बाकी जिलों में 1 अप्रैल से खरीद होगी.राजफैश प्रबंध निदेशक बचनेश कुमार अग्रवाल का कहना है कि रजिस्ट्रेशन और खरीद में फर्जीवाडे पर लगाम लगाने के लिए सख्ती की गई है.हमारा प्रयास है कि सही किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज की खरीद हो सके.
क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत जिले,जिसमें कल से खरीद होगी- श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, भरतपुर, अलवर, खैरथल-तिजारा, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा, ब्यावर, कुचामन-डीडवाना, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ आदि .
सरसों और चना विक्रय के इच्छुक किसान खुद क्यूआर कोड स्कैन कर या ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकेंगे.समर्थन मूल्य पर ख़रीद किसानों की आधार आधारित बायोमेट्रिक पहचान के माध्यम से ही की जाएगी. केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार नैफेड और एनसीसीएफ के लिए समर्थन मूल्य पर ख़रीद 60 दिवस की अवधि में की जाएगी. बता दें कि किसान पहले की तरह अब एफएक्यू गुणवत्ता मानदंडों के अनुरूप अपनी फसल क्षेत्र के क्रय-विक्रय और ग्राम सेवा सहकारी समिति केन्द्र पर बेच सकेंगे. किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए राजफेड में कॉल सेन्टर 18001806001 स्थापित किया गया है.





