
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र 2026 के आखिरी दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान वे जातिवादी राजनीति पर जबर्दस्त प्रहार करते दिखे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों को सदन में पढ़ा। इसमें जाति का शोर क्रूर और कायरों के मचाने की बात कही गई है। सीएम योगी इस बयान के जरिए विपक्ष पर निशाना साधते दिखे। दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए पॉलिटिक्स के जरिए भारतीय जनता पार्टी को बैकफुट पर धकेलने के बाद अखिलेश यादव अपनी राजनीति को धार देने में जुटे हैं। जातीय पॉकेट्स को साधने की कोशिश लगातार समाजवादी पार्टी की ओर से हो रही है। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान महत्वपूर्ण हो जाता है।
सीएम योगी ने क्या कहा?
सीएम योगी ने सरकारी योजनाओं का लाभ भाजपा शासनकाल में प्रदेश के हर व्यक्ति तक पहुंचने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने कभी समाज को जाति के आधार पर बांटकर नहीं देखा है। आप लोगों का नजरिया जाति का हो सकता है। आप लोग जाति के आधार पर सोचते हैं। इसलिए, इस प्रकार की बात करते हैं। हम लोग ऐसा नहीं मानते। हम लोगों का मानना है कि शासन की सुविधा को प्राप्त करने का अधिकार प्रदेश के हर व्यक्ति का होना चाहिए। हर नागरिक का होना चाहिए।
सीएम ने कहा कि राज्य के हर नागरिक को शासन की सुविधाएं मिलनी चाहिए। कानून की निगाहों में सभी एक समान होने चाहिए। शासन की योजनाओं का लाभ समान रूप से सबको मिलना चाहिए। इसीलिए, हमारी सरकार इस बारे में काम करती है।
दिनकर पंक्तियों वाला तंज
सीएम योगी ने विपक्ष की राजनीति पर तंज कसते हुए राष्ट्रकवि दिनकर की पंक्तियों को सदन में पढ़ा। इसके जरिए विपक्ष की जातीय राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। सीएम ने कहा कि आपलोग भी अपने समय में इन पंक्तियों को पढ़ते होंगे। मुझे इस समय वह पंक्तियां याद आ रही है।





