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मध्य प्रदेश के 45 जिलों में बारिश, 17 जिलों में ओलावृष्टि, अगले 4 दिनों में फिर बदलेगा मौसम


MP Weather Update: मध्य प्रदेश में बदलते मौसम के मिजाज ने आम जनजीवन और कृषि क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है. पिछले 98 घंटों के दौरान राज्य के 45 जिलों में तूफ़ान और बारिश का दौर चला, जिसमें से 17 जिलों (जैसे छिंदवाड़ा, सागर, पन्ना, और जबलपुर) में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई. इस बेमौसम बारिश ने कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों को तबाह कर दिया है. हालांकि अब यह मौसमी सिस्टम आगे बढ़ गया है, और अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी देते हुए एक अलर्ट जारी किया गया है.

मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम
मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से सक्रिय एक मजबूत मौसम प्रणाली का व्यापक असर देखने को मिला है. राज्य के 45 जिलों में आंधी और बारिश का दौर चला, जबकि 17 जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार यह प्रणाली अब आगे बढ़ गई है; जिसके चलते राज्य में बारिश का दौर थम गया है और अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी पड़ने का पूर्वानुमान है.

पचमढ़ी सबसे ठंडा
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को एक मज़बूत मौसम प्रणाली के प्रभाव के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट देखी गई. राज्य में सबसे कम तापमान पचमढ़ी (25.6°C) में दर्ज किया गया, जबकि भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में पारा 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. इंदौर और उज्जैन में गर्मी कुछ ज़्यादा ही महसूस की गई.

अगले 4 दिन तेज गर्मी का अलर्ट
राहत की बात यह है कि मौजूदा मौसम प्रणाली कमज़ोर पड़ गई है और आगे बढ़ गई है. अगले चार दिनों तक राज्य में तूफ़ान या बारिश की कोई संभावना नहीं है. हालांकि, धूप की तेज़ी बनी रहेगी और तापमान में तेज़ी से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

फिर से बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने बताया है कि यह राहत कुछ समय के लिए ही हो सकती है, क्योंकि 26 मार्च से एक नया ‘पश्चिमी विक्षोभ’ सक्रिय होने वाला है. इसके प्रभाव से, मार्च के आखिरी सप्ताह के दौरान उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में एक बार फिर बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है.

अप्रैल में भीषण गर्मी
मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि इस साल अप्रैल और मई के महीनों में सबसे ज़्यादा भीषण गर्मी पड़ेगी. इन दो महीनों के दौरान, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के ज़िलों में तापमान 45 डिग्री से भी ऊपर जा सकता है.

फसलों को नुकसान
बता दें कि इस फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला. महीने की शुरुआत में राज्य में ओलावृष्टि, बारिश और तेज़ हवाओं के दो दौर देखने को मिले. इससे फसलों को काफ़ी नुकसान पहुंचा.

khabarmonkey@gmail.com

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