
शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में कारोबार डराने वाला रहा और अंत में अमेरिकी शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बाजार बंद हुए. Dow Jones Industrial Average करीब 444 अंक यानी 0.96% गिरकर 45,577.47 पर बंद हुआ. वहीं S&P 500 में 1.51% की गिरावट आई और यह 6,506.48 पर बंद हुआ. टेक्नोलॉजी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव दिखा, जिससे Nasdaq Composite 2.01% टूटकर 21,647.61 पर बंद हुआ. छोटे शेयरों वाला Russell 2000 इंडेक्स 2% से ज्यादा गिरकर करेक्शन जोन में पहुंच गया, यानी अपने हालिया हाई से 10% नीचे आ गया.
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह वेस्ट एशियामें बढ़ता युद्ध रहा. ईरान और इजराइल के बीच हमले तेज हो गए हैं, वहीं ईरान ने पर्शियन गल्फ के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया है.
खबरें यह भी आईं कि अमेरिका वेस्ट एशिया में हजारों मरीन सैनिक भेज रहा है और ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी हो रही है. इन घटनाओं ने निवेशकों को डरा दिया और बाजार में बिकवाली तेज हो गई.
दोपहर के बाद गिरावट और तेज हो गई, जब खबर आई कि इराक ने विदेशी कंपनियों के सभी ऑयलफील्ड्स पर ‘force majeure’ घोषित कर दिया है. इसका मतलब है कि सप्लाई में बड़ा व्यवधान आ सकता है.
इसके बाद तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया. Brent crude $112 प्रति बैरल के ऊपर निकल गया, जबकि WTI crude $98 के पार पहुंच गया. इस पूरे हफ्ते Brent में करीब 9% की तेजी रही, जो बाजार के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई.
तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई के फिर से बढ़ने का डर पैदा कर दिया है. इसी वजह से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स भी बढ़ीं, जिससे शेयर बाजार पर और दबाव आया. निवेशकों को अब लग रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा, जिससे बाजार की कमजोरी और बढ़ गई.
शुक्रवार की गिरावट के साथ ही अमेरिकी बाजारों में लगातार चौथे हफ्ते कमजोरी देखने को मिली. हालांकि S&P 500 अभी भी अपने हालिया उच्च स्तर से करीब 7% ही नीचे है
लेकिन Dow और Nasdaq दिन के दौरान करेक्शन जोन में पहुंच गए थे. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध और बढ़ता है और तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है.
इस गिरावट में लगभग सभी सेक्टर प्रभावित हुए, लेकिन टेक शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. Nvidia और Tesla जैसे बड़े शेयर करीब 3% तक टूट गए. यहां तक कि आमतौर पर स्थिर माने जाने वाले यूटिलिटी सेक्टर पर भी दबाव देखने को मिला.
वॉल स्ट्रीट इस समय भारी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है. वेस्ट एशिया का जियोपॉलिटिकल तनाव, तेल की कीमतों में उछाल और महंगाई का डर-इन तीनों ने मिलकर बाजार की दिशा को कमजोर कर दिया है. आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अब युद्ध की स्थिति और तेल की कीमतों पर टिकी रहेगी.





