कार्तिक मास की शुरुआत हो चुकी है। इस महीने को दामोदर मास के नाम से भी जाना जाता है। वैसे यह महीना भगवान विष्णु को अति प्रिय है। इस माह में स्नान दान, दीप दान और भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा का विधान बताया गया है।

इस महीने में खानपान के विशेष नियमों को भी पालन किया जाता है। मान्यता के अनुसार, इस महीने में मछली समते कुछ चीजों को भूलकर भी सेवन नहीं करना चाहिए। आइए आपको बताते हैं कार्तिक मास में क्या खाएं, क्या नहीं, जरुरी नियम और एक सरल उपाय।
कार्तिक मास में क्या न खाएं?
बैंगन न खाएं : माना जाता है कि कार्तिक मास में पित्त दोष से संबंधित समस्याएं होने का भय होता है। ऐसे में इस महीने में बैगन खाने से परेहज किया जाना चाहिए। क्योंकि, यह उत्तेजना वर्धन होने के कारण भी बैंगन न खाने की मान्यता है।
मछली का सेवन न करें : भूलकर भी इस महीने में तामसिक भोजन का सेवन न करें। खासतौर पर मछली का सेवन करना वर्जित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस महीने में भगवान विष्णु जल में अपने मत्स्य अवतार में होते हैं। इसके अलावा, आषाढ़ में वर्षा और बाढ़ के चलते पानी भी प्रदूषित हो जाता है। इन्ही कारणों से कार्तिक मास में मछली का सेवन करना उचित नहीं माना जाता है।
करेले का सेवन न करें : असल में करेला वातकारक माना गया है और इसमें कीड़े लगने का भी भय रहता है। इसी कारण से कार्तिक मास में करेला का सेवन करना वर्जित माना जाता है।
दही न खाएं : इस महीने में भूलकर भी दही का सेवन न करें, क्योंकि यह हेल्थ के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। कहा जाता है कि इस अवधि में सेवन करना संतान के लिए ठीक नहीं होता है। इसलिए दही का सेवन कार्तिक मास में नहीं करें।
कार्तिक मास में क्या खाएं?
तिल का सेवन करें कार्तिक मास में तिल का सेवन करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इसके साथ ही, इस दौरान भगवान विष्णु को तिल भी नियमित रुप से अर्पित कर सकते हैं। आपको शुभ फल प्राप्त होंगे।
मूली का सेवन करें असल में इस महीने के दौरान कफ और पित्त दोष संबंधित समस्याएं देखने को मिलती है। ऐसे में मूली खाना हेल्थ के लिए फायदेमंद होगा।
आंवला का सेवन करें इस महीने में आंवला नवमी मनाई जाती है। आंवला नवमी के दिन भगवान विष्णु जी और आंवले वृक्ष का पूजन किया जाता है। इसके साथ ही हेल्थ के लिए आंवला काफी फायदेमंद होता है। इसलिए कार्तिक मास में आंवला जरुर खाएं।
कार्तिक मास के महत्वपूर्ण नियम
इस महीने में मांस, मदिरा आदि तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करना उचित नहीं माना जाता है।
कार्तिक मास में शरीर पर तेल लगाना अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसा सिर्फ नरक चतुर्दशी कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर किया जाता है।
इस महीने में शास्त्रों का अत्यंत पवित्र माना जाता है। ऐसे में कार्तिक मास में ब्रह्मचर्य का पालन जरुर करें। ऐसा करने से प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिलता है।
इतना ही नहीं, कार्तिक महीने में स्नानदान का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त होता है। यदि पवित्र नदी में स्नान न कर पाएं तो घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
कार्तिक मास का सरल उपाय
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस महीने में कुछ खास जगहों पर दीपक जरुर जलाएं। ऐसा करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त होते हैं। इसलिए आप विष्णुजी, माता लक्ष्मी, पीपल और यमदेव के समीप दीपक अवश्य जलाएं। वहीं, नदी, बहते जल आदि स्थानों के पास भी दीपक जरुर जलाएं, यह शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में सुखसमृद्धि आती है।