Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में तैनात असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट पवन कुमार गर्ग और उनके साथी सचिन विश्वकर्मा की गुमशुदगी का मामला अब दोहरे हत्याकांड में बदल गया है. शुक्रवार शाम पुलिस ने सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के खुलासे के मुताबिक, इटौंजा के मिठाई दुकानदार नितिन मिश्रा ने पवन कुमार गर्ग को प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने बुलाया था. इसके बाद अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर दोनों को अगवा कर लिया गया.

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने पवन कुमार गर्ग को बुलाया और फिर उनके साथी सचिन के साथ अगवा कर लिया. दोनों को एक दिन तक अलगअलग कमरों में बंधक बनाकर रखा गया. इसके बाद 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई. रकम नहीं देने पर हत्या की धमकी दी गई और विरोध करने पर दोनों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई. साक्ष्य मिटाने के लिए दोनों के शव महमूदाबाद के पास घाघरा नदी में फेंक दिए गए. पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल दो गाड़ियां भी जब्त की हैं.
आरोपियों ने पवन और सचिन को एक निर्माणाधीन मकान में अलगअलग कमरों में बंधक बनाकर रखा. यहां दोनों से 50 लाख रुपये की मांग की गई. आरोपियों ने रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी. पुलिस के मुताबिक, 28 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे दोनों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई.
नदी में फेंक दिया था शव
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की. दोनों के शवों को ठिकाने लगाने के लिए थार और हुंडई कार का इस्तेमाल किया गया. आरोपियों ने शवों को महमूदाबाद के पास घाघरा नदी में फेंक दिया. वहीं, पवन कुमार गर्ग की कार सीतापुर में खड़ी कर दी गई, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके. पुलिस के अनुसार, पवन कुमार गर्ग 27 सितंबर से लापता थे. 29 सितंबर को उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी. जांच के दौरान पुलिस को अपहरण और हत्या से जुड़े अहम सुराग मिले, जिसके बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया गया.
पुलिस कर रही मामले की जांंच
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इटौंजा निवासी मिठाई दुकानदार नितिन मिश्रा, प्रकाश सिंह, सूरज सिंह, मोहित सिंह और अजीत पुलिया के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पवन कुमार गर्ग की सोने की चेन, अंगूठी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और बैंक स्टेटमेंट की फोटोकॉपी बरामद की है. वारदात में इस्तेमाल थार और हुंडई कार को भी जब्त कर लिया गया है.
बताया जा रहा है कि पवन कुमार गर्ग ने हाल ही में अपना एक प्लॉट बेचा था. पुलिस इस संपत्ति से जुड़े आर्थिक पहलुओं और 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग को भी जांच के दायरे में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है. फिलहाल पांचों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस मामले में अन्य साक्ष्यों और वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.