उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अब चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है. 23 अक्टूबर को होने वाले 11 सीटों के MLC चुनाव में बीजेपी ने उम्मीदवारों के चयन के बाद अब अलगअलग वोटर ग्रुप को साधने की कवायद तेज कर दी है. पार्टी के अंदरूनी इनपुट के मुताबिक, UGC के मुद्दे को लेकर सवर्ण समाज के एक हिस्से में नाराजगी की चर्चा है.

इसी नाराजगी को दूर करने के लिए बीजेपी ने यूपी की 11 MLC सीटों के लिए घोषित अपनी सूची में पांच ब्राह्मण चेहरों को टिकट दिया है. इनमें वाराणसी शिक्षक से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक से हरिकिशोर तिवारी, गोरखपुरफैजाबाद शिक्षक से ध्रुव त्रिपाठी, लखनऊ शिक्षक से उमेश द्विवेदी और मेरठ शिक्षक से श्रीचंद शर्मा शामिल हैं.
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का मतदाता वर्ग उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों और शिक्षा व्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए UGC से जुड़े मुद्दे इन मतदाताओं के बीच राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन रहे हैं. पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ब्राह्मण समाज के नेताओं को अलगअलग स्नातक क्षेत्रों में सक्रिय किया जाएगा. ये नेता मतदाताओं के बीच जाकर बातचीत करेंगे. खासकर UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर जो सवाल या भ्रम हैं, उन्हें दूर करने की कोशिश की जाएगी.
UGC मुद्दे पर डैमेज कंट्रोल की कवायद?
शिक्षक और स्नातक सीटों की प्रकृति सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग है. यहां सीमित और पंजीकृत मतदाता वोट करते हैं. ऐसे में हर वोटर तक व्यक्तिगत पहुंच चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन जाती है. बीजेपी की कोशिश बताई जा रही है कि UGC से जुड़े मुद्दे को लेकर अगर किसी वर्ग में नाराजगी है तो उसे सीधे संवाद के जरिए कम किया जाए.
अब टीचरों को साधने की तैयारी
सिर्फ स्नातक मतदाता ही नहीं, बीजेपी का दूसरा फोकस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों पर है. योगी सरकार ने करीब 10 साल से प्रमोशन का इंतजार कर रहे सरकारी शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक करीब 70 हजार शिक्षकों को प्रमोशन दिए जाने की तैयारी है और सभी जिलों को वरिष्ठ शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
10 साल बाद प्रमोशन… जिलों से मांगी गई सूची
सरकार की तरफ से जिलों को वरिष्ठ शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए जा रहे हैं. इसके बाद प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. बीजेपी की चुनावी रणनीति में इसे शिक्षक वर्ग के बीच एक अहम मुद्दे के तौर पर देखा जा रहा है. शिक्षक संगठनों के बीच लंबे समय से प्रमोशन का मुद्दा रहा है. ऐसे में चुनाव से पहले इस प्रक्रिया का शुरू होना शिक्षक मतदाताओं के बीच सरकार की पहुंच और संवाद का हिस्सा बन सकता है.
11 सीटों का चुनाव… 2027 से पहले अहम टेस्ट
उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी. नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है. बीजेपी ने सभी 11 सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. उम्मीदवारों की सूची में पांच ब्राह्मण चेहरों के साथ शिक्षक संगठनों और संबंधित मतदाता वर्गों में व्यक्तिगत पकड़ रखने वाले चेहरों को भी जगह दी गई है. बीजेपी की असली परीक्षा वोटर तक पहुंच और संगठन की माइक्रो मैनेजमेंट रणनीति की होगी.