आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त के पैतृक आवास पर हंगामा करने के मामले में पुलिस ने हरिपर्वत थाने में BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और दिल्ली की ओर भाग रहे अनिल यादव और मुकेश धनगर को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है और आगरा पुलिस ने चेतावनी दी है कि विरोध का अधिकार है, लेकिन रिहायशी क्षेत्र में अराजकता पर कानूनी कार्रवाई होगी.

बता दें कि कार्यकर्ताओं ने सोमवार को आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. उनके खिलाफ नारे लगाए और घर के मेन गेट और एक दीवार को स्प्रे पेंट से खराब कर दिया. विरोध करने वालों में कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे, जो सुबह बड़ी संख्या में कुमार के घर पहुंचे और उनके विजय नगर वाले घर के बाहर नारे लगाए. उन्होंने घर के बाहर स्टिकर और पर्चे भी चिपकाए.
मुख्य चुनाव आयुक्त के घर पर कांग्रेस का प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन करने वालों ने घर के मेन गेट और दीवार पर स्प्रे पेंट से हिंदी में अभद्र नारे लिखे.विरोध प्रदर्शन करने की तस्वीरें बाद में सोशल मीडिया पर शेयर की गईं.
आगरा में “ज्ञानेश गद्दार” के घर पर कांग्रेस कार्यकार्यताओं ने पोती कालिख।
मोदी, शाह ने ज्ञानेश के साथ मिलकर जिस तरह पिछले कई सालों में देश के अलगअलग चुनावों में लूट की, वो सीधे तौर पर देश के साथ गद्दारी है।
ज्ञानेश को सजा दिलाकर रहेंगे
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— Indian Youth Congress September 28, 2026
इंडियन यूथ कांग्रेस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘ज्ञानेश’ के घर को कालिख से काला कर दिया. जिस तरह से मोदी और शाह ने ज्ञानेश के साथ मिलकर पिछले कई सालों में देश के अलगअलग हिस्सों में चुनाव लूटे हैं, वह सीधे तौर पर देश के खिलाफ देशद्रोह है. हम यह पक्का करेंगे कि ज्ञानेश को सजा मिले.”
कांग्रेस और मुख्य चुनाव आयुक्त में तकरार तेज
सोमवार का विरोध कांग्रेस और इलेक्शन कमीशन के बीच पोल पैनल के कामकाज, जिसमें वोटर रोल का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन भी शामिल है, को लेकर बढ़ते टकराव के बीच हुआ. कांग्रेस उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में इलेक्शन कमीशन के खिलाफ विरोध कर रही है.
उसका आरोप है कि चुनाव आयोग ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम किया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खास तौर पर CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है और उन पर गैरकानूनी कदम उठाने का आरोप लगाया है. राहुल गांधी ने ऐसे कथित कामों को “देशद्रोह” भी बताया है.
पिछले हफ्ते द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक इन्वेस्टिगेशन के बाद से विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए हैं. इस इन्वेस्टिगेशन में दावा किया गया था कि तीन में से दो इलेक्शन कमिश्नरों ने पोल पैनल के फैसलों के बारे में 10 महीने के टाइम में 14 मौकों पर ऑफिशियली ऑब्जेक्शन उठाए थे और वोटर एनरोलमेंट फॉर्म में खास बदलावों को “अनऑथराइज्ड/इलाजिबल” कहा था, हालांकि बाद में चुनाव आयोग ने बयान जारी कर मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया.