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समुद्र में AI का बढ़ता दखल, जयशंकर ने UN में जताई चिंता​

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर महत्वपूर्ण बात रखी। भारत और ग्रीस की ओर से आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि AI में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की बड़ी […]

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर महत्वपूर्ण बात रखी। भारत और ग्रीस की ओर से आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि AI में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की बड़ी क्षमता है, लेकिन इसके संभावित जोखिमों को भी पहले से समझना और कम करना जरूरी है।

समुद्री सुरक्षा में AI से मिल सकते हैं कई फायदे

जयशंकर के अनुसार, AI का इस्तेमाल समुद्री क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कामों के लिए किया जा सकता है। इनमें समुद्री गतिविधियों पर निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान, आपदा के समय प्रतिक्रिया, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और बंदरगाहों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को अधिक मजबूत बनाना शामिल है।

लेकिन बढ़ती तकनीक के साथ जोखिम भी

विदेश मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि यही तकनीक सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकती है। AI का इस्तेमाल समुद्री क्षेत्रों की निगरानी, कमजोरियों की पहचान और जहाजों, संचार नेटवर्क तथा समुद्र के भीतर मौजूद महत्वपूर्ण ढांचे के खिलाफ साइबर गतिविधियों में किया जा सकता है।

स्वायत्त सिस्टम से जवाबदेही का सवाल

जयशंकर ने कहा कि समुद्री प्रणालियों में स्वायत्तता बढ़ने के साथ यह सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है कि किसी घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि AI आधारित सिस्टम निर्णय लेने का समय कम कर सकते हैं, जिससे किसी तेजी से बढ़ती स्थिति में तनाव और गलत फैसले का जोखिम बढ़ सकता है।

अंतरराष्ट्रीय नियमों और सहयोग पर जोर

जयशंकर ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में AI का विकास और इस्तेमाल संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा अंतरराष्ट्रीय कानून, जिसमें समुद्र के कानून से जुड़े नियम भी शामिल हैं, के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता, भरोसा बढ़ाने वाले उपायों, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और देशों के बीच बेहतर अनुभव साझा करने की जरूरत पर जोर दिया।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में AI के सुरक्षित और भरोसेमंद इस्तेमाल तथा समुद्री सुरक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। जयशंकर का संदेश था कि AI की क्षमताओं का लाभ उठाते हुए उसके संभावित परिणामों और जोखिमों को पहले से समझना जरूरी है, ताकि तकनीक सुरक्षा को मजबूत करे और नई अस्थिरता का कारण न बने।

 

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संपादकीय टीम

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