अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी के मामले में दाखिल चार्जशीट में जांच से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं. मेन चार्जशीट 59 पन्नों की है, जबकि इसके साथ बड़ी संख्या में दस्तावेज, केस डायरी और डिजिटल साक्ष्य अदालत में दाखिल किए गए हैं. चार्जशीट के साथ करीब 36 हजार पन्नों के दस्तावेज और 101 सीडी भी पेश की गई हैं. पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.

इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि और रिटायर बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं. चार्जशीट में CCTV फुटेज, गवाहों के बयान, बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल और कॉल डिटेल समेत कई तरह के साक्ष्यों का जिक्र है.
CCTV में 105 बार कथित चोरी का खुलासा
जांच में CCTV फुटेज को अहम साक्ष्य माना गया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल SIT की स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम को कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से निकालने की 105 घटनाएं CCTV में दर्ज हुईं. जांच टीम ने CCTV के साथ गवाहों के बयान, दान से जुड़े रिकॉर्ड और बैंक जमा रिकॉर्ड को भी मिलाकर देखा. चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों की CCTV में कथित भूमिका का विवरण भी तैयार किया गया है.
अविनाश शुक्ला उर्फ शनि
चार्जशीट के मुताबिक अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को 85 बार खुद रकम निकालते और 4 बार सहआरोपियों की मदद करते हुए CCTV में देखा गया.
करुणेश पांडेय
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, करुणेश पांडेय 2 बार खुद पैसे निकालते और 69 बार सहआरोपियों की मदद करते हुए पाए गए.
मनीष यादव
मनीष यादव को CCTV में 16 बार चढ़ावे की रकम निकालते और 19 बार अन्य आरोपियों की मदद करते हुए देखे जाने का जिक्र है.
लवकुश मिश्रा
चार्जशीट में लवकुश मिश्रा के बारे में एक बार खुद रकम निकालने और 52 बार अन्य आरोपियों को सहयोग करने की बात कही गई है.
अनुकल्प मिश्रा
अनुकल्प मिश्रा के बारे में 56 बार सहआरोपियों को कथित तौर पर रकम निकालने में सहयोग करने का जिक्र है.
रमाशंकर मिश्रा
पुलिस रिपोर्ट में रमाशंकर मिश्रा की गणना कक्ष में मौजूदगी और खुद अपराध करने के साथ अन्य आरोपियों को सहयोग करने की बात दर्ज होने का जिक्र है.
सुभाष श्रीवास्तव
चार्जशीट के मुताबिक, सुभाष श्रीवास्तव की मौजूदगी में अन्य आरोपियों द्वारा कथित तौर पर रकम निकाले जाने की घटनाओं का भी जिक्र है. पुलिस ने उनकी भूमिका को गणना कक्ष की निगरानी और प्रक्रिया से जोड़कर जांचा है.
अब पैसों का पूरा ट्रेल भी जांच में शामिल
SIT और पुलिस की जांच केवल CCTV तक सीमित नहीं रही. आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों की भी जांच की गई. नकद जमा, जमीनमकान की खरीद, वाहन, जेवर, निर्माण और अन्य बड़े खर्चों का ब्योरा खंगाला गया. जांच में मोबाइल फोन, चैट और CDR यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए आरोपियों के बीच संपर्क और बातचीत की भी पड़ताल की गई. सुप्रीम कोर्ट के सामने दाखिल SIT रिपोर्ट में भी CCTV, गवाहों के बयान, बैंक और वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, मोबाइल डेटा और CDR समेत कई तरह के साक्ष्यों के इस्तेमाल की बात सामने आई है.
अनुकल्प मिश्रा के खातों में क्या मिला?
चार्जशीट के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा से जुड़े बैंक खातों की जांच में करीब 21.10 लाख रुपये नकद जमा होने का जिक्र है. जांच में उनके पिता के खाते में करीब 12 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात भी सामने आई. इसके अलावा अयोध्या के कौशलपुरी में करीब 55 लाख रुपये के मकान की खरीद भी जांच में शामिल है. मकान खरीद में करीब 25 लाख रुपये नकद भुगतान किए जाने का भी जिक्र है. चार्जशीट में करीब 3 लाख रुपये की कार, करीब 7.33 लाख रुपये भागवत कथा और दूसरे खर्चों का भी ब्योरा होने की बात सामने आई है.
लवकुश मिश्रा के खाते और संपत्ति
लवकुश मिश्रा की पत्नी के खाते में करीब 14.39 लाख रुपये जमा होने का जिक्र है. जांच में करीब 22.52 लाख रुपये की जमीन खरीद और मकान निर्माण पर करीब 20.91 लाख रुपये का खर्च भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये नकद बरामद किए गए.
करुणेश पांडेय के परिवार के खातों की भी जांच
करुणेश पांडेय की पत्नी के SBI खाते में करीब 18.55 लाख रुपये नकद जमा होने का जिक्र चार्जशीट में है. इसके अलावा उनके भाई के बैंक खातों में भी नकद जमा की जानकारी मिलने की बात कही गई है. पुलिस ने करुणेश पांडेय से करीब 18.07 लाख रुपये नकद बरामद किए.
रमाशंकर मिश्रा के परिवार के खातों में लाखों की नकद जमा
रमाशंकर मिश्रा के मामले में पुलिस ने उनके पिता और भाई के बैंक खातों की भी जांच की. चार्जशीट के मुताबिक, पिता के खाते में करीब 10.80 लाख रुपये और भाई के खाते में करीब 9.43 लाख रुपये नकद जमा होने का जिक्र है. यानी परिवार के खातों में कुल करीब 20.92 लाख रुपये की नकद जांच में शामिल है. इसके अलावा करीब 12 लाख रुपये की जमीन खरीद का भी जिक्र है. रमाशंकर मिश्रा से करीब 7.32 लाख रुपये नकद और चांदी की वस्तुएं बरामद की गईं.
अविनाश शुक्ला उर्फ शनि के लेनदेन की भी पड़ताल
अविनाश शुक्ला उर्फ शनि के परिवार के बैंक खातों में कई लेनदेन की जांच की गई. चार्जशीट के मुताबिक, भाई की ब्रेजा कार खरीदने के लिए करीब 3 लाख रुपये, दूसरे भाई की शादी में करीब 6 लाख रुपये और जमीन के कर्ज के भुगतान के लिए करीब 2.50 लाख रुपये देने का जिक्र है. पुलिस के मुताबिक अविनाश से 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 डॉलर और धातु/जेवर बरामद किए गए.
टिन्नू यादव के पास थी चढ़ावे की रकम की व्यवस्था?
चार्जशीट में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका को लेकर भी अहम जानकारी दर्ज है. जांच के मुताबिक, 7 सितंबर 2020 से 6 जनवरी 2022 तक चढ़ावे की रकम से जुड़ी व्यवस्था की जिम्मेदारी टिन्नू यादव के पास थी. बताया गया है कि इस दौरान गणना कक्ष, लॉकर और दानपात्र की चाबियां भी उसके पास रहती थीं. SBI में चढ़ावे की रकम जमा कराने वाले रजिस्टर पर भी टिन्नू यादव के हस्ताक्षर होने का जिक्र चार्जशीट में किया गया है.
7 जनवरी 2022 से बदली व्यवस्था, सुभाष के पास आई जिम्मेदारी
चार्जशीट में व्यवस्था में बदलाव का भी जिक्र है. 7 जनवरी 2022 से सुभाष श्रीवास्तव को गणना कक्ष की निगरानी और बैंक में रकम सुपुर्द करने की जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई है. सुभाष श्रीवास्तव को सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, वह जुलाई 2021 से ट्रस्ट की व्यवस्था से जुड़े थे.उनकी जिम्मेदारियों में दानपात्र खोलने, रकम की गिनती, नोटों की छंटाई और बैंक कर्मचारियों को रकम सौंपने की प्रक्रिया शामिल थी.
चढ़ावे की रकम बांटने का भी जिक्र
जांच से जुड़े डिटेल में अनुकल्प मिश्रा की कथित भूमिका को लेकर भी महत्वपूर्ण बात सामने आई है. पुलिस की जांच में आरोप है कि चोरी की रकम को अलगअलग लोगों के बीच बांटा जाता था. एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनौरा के पास हाईवे के किनारे स्थित एक बाग में रकम बांटे जाने की बात जांच में सामने आई.
टिन्नू यादव के बैंक लेनदेन और संपत्ति की जांच
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के मामले में भी बैंक खातों और संपत्ति की जांच की गई. अलगअलग खातों में करीब 8.48 लाख रुपये नकद जमा होने का जिक्र है. करीब 2.46 लाख रुपये की बुलेट मोटरसाइकिल और जेवर खरीद का भी जिक्र है. पुलिस ने करीब 1 लाख रुपये नकद, वाहन और अन्य सामान बरामद किए जाने की बात कही है. दानपात्र की चाबियों से लेकर रकम बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में टिन्नू की भूमिका भी जांच का हिस्सा रही.
चंपत राय, अनिल मिश्र और गोपाल राव आरोपी नहीं, गवाह
चार्जशीट का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और मंदिर व्यवस्था से जुड़े गोपाल राव को आरोपी के तौर पर चार्जशीट नहीं किया गया है. उन्हें गवाह बनाया गया है. पुलिस ने ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंक के खिलाफ आपराधिक भूमिका का पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही है. चार्जशीट में 133 गवाहों का उल्लेख होने की भी रिपोर्ट है.