BusinessViral

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर से लेकर पे-मैट्रिक्स तक, जानिए कर्मचारी यूनियनों ने क्या रखे हैं प्रस्ताव

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं. आयोग ने जब विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव और ज्ञापन मांगे, तब कई बड़े कर्मचारी संघों ने वेतन, भत्तों, पेंशन और पे-मैट्रिक्स में बड़े बदलावों की मांग रखी. नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने सरकार के सामने न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने से लेकर फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता और प्रमोशन सिस्टम में सुधार तक कई अहम प्रस्ताव दिए हैं.

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर से लेकर पे-मैट्रिक्स तक, जानिए कर्मचारी यूनियनों ने क्या रखे हैं प्रस्ताव
8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर से लेकर पे-मैट्रिक्स तक, जानिए कर्मचारी यूनियनों ने क्या रखे हैं प्रस्ताव

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए गठित 8वें वेतन आयोग पर अब कर्मचारी संगठनों का दबाव बढ़ता दिख रहा है. अलग-अलग यूनियनों ने वेतन ढांचे में बड़े सुधार की मांग करते हुए सरकार को अपने विस्तृत प्रस्ताव सौंपे हैं. इन संगठनों का कहना है कि मौजूदा वेतन संरचना बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के मुकाबले पर्याप्त नहीं है.

Khabar Monkey

बेसिक पे बढ़ाने की है मांग

सबसे बड़ी मांग न्यूनतम बेसिक पे बढ़ाने को लेकर सामने आई है. NC-JCM और AIDEF ने न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये करने की मांग रखी है, जबकि महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन ने इसे 65,000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है. माना जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी के जरिए कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा हो सकता है.

पे-मैट्रिक्स को लेकर भी कई बदलाव सुझाए गए हैं. NC-JCM ने लेवल-13 तक एक समान यूनिफाइड पे मैट्रिक्स लागू करने की मांग की है. वहीं महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन ने पे लेवल्स को सरल और तर्कसंगत बनाने पर जोर दिया है. AIDEF ने तकनीकी कर्मचारियों के लिए स्किल-बेस्ड पे और कैडर रिस्ट्रक्चरिंग का सुझाव दिया है.

भत्ते के लेकर की है ये डिमांड

भत्तों को लेकर भी यूनियनों ने सरकार से राहत मांगी है. महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) बढ़ाने और ट्रैवल अलाउंस (TA) को 2.5 गुना तक बढ़ाने की मांग रखी है. दूसरी तरफ AIDEF ने रक्षा कर्मचारियों के लिए 10,000 से 15,000 रुपये तक रिस्क अलाउंस की मांग की है.

वार्षिक वेतन वृद्धि यानी एनुअल इंक्रीमेंट बढ़ाने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है. NC-JCM ने मौजूदा 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का सुझाव दिया है, जबकि महाराष्ट्र संगठन ने इसे 5 प्रतिशत करने की मांग रखी है. इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), पेंशन व्यवस्था और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को लेकर भी कई प्रस्ताव दिए गए हैं. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि नई वेतन संरचना को महंगाई से सीधे जोड़ना चाहिए ताकि कर्मचारियों की आय पर बढ़ती कीमतों का असर कम हो सके.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply