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जरा-सी परेशानी और मेडिकल से दवा! ये आदत कैसे पड़ सकती है भारी? एक्सपर्ट से जानें​

बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल से किसी भी परेशानी की दवा खा लेना अधिकतर भारतीयों की आदत है. सिर में दर्द हो या बुखार, सर्दीजुकाम या फिर एसिडिटी… ज्यादातर छोटीछोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स का इलाज लोग खुद ही करने लगते हैं. इस तरह का घरेलू डॉक्टरी इलाज शरीर को कई बड़े नुकसान पहुंचाता है. शुरू […]

बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल से किसी भी परेशानी की दवा खा लेना अधिकतर भारतीयों की आदत है. सिर में दर्द हो या बुखार, सर्दीजुकाम या फिर एसिडिटी… ज्यादातर छोटीछोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स का इलाज लोग खुद ही करने लगते हैं. इस तरह का घरेलू डॉक्टरी इलाज शरीर को कई बड़े नुकसान पहुंचाता है. शुरू में इसका असर नजर नहीं आता है लेकिन लंबे समय तक ऐसा हो तो फ्यूचर में शरीर कई बीमारियों का घर तक बन जाता है.

कहीं आप भी तो जरा सी परेशानी और मेडिकल से दवा लेने के आदी तो नहीं है. ये कितना खतरनाक हो सकता है, इसके लिए टीवी9 ने एमएमजी हॉस्पिटल के फार्मासिस्ट नरेंद्र शर्मा से बातचीत की. जानें एक्सपर्ट ने इसके बारे में क्याक्या जरूरी बताया.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

फार्मासिस्ट नरेंद्र शर्मा कहते हैं कि अब लोग छोटीछोटी बीमारियों में भी मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की सलाह के दवा ले लेते हैं. इसे सेल्फमेडिकेशन पुकारा जाता है जिसमेंबिना डॉक्टर की सलाह के दवा ले ली जाती है. सिरदर्द, बुखार, सर्दीजुकाम, एसिडिटी या शरीर दर्द जैसी समस्याओं में लोग सीधे मेडिकल स्टोर पहुंचकर दवा खरीद लेते हैं. लेकिन यह आदत कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है.

हो सकते हैं ये नुकसान

एक्सपर्ट कहते हैं कि फार्मासिस्ट का रोल सिर्फ दवा बेचने तक सीमित नहीं होती, बल्कि मरीज को दवा के सही इस्तेमाल के बारे में जानकारी देना भी उनकी जिम्मेदारी है. यदि कोई व्यक्ति बारबार एक ही दवा ले रहा है या लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का उपयोग कर रहा है, तो इससे किडनी, लिवर और पेट पर बुरा असर पड़ सकता है. इसी तरह एंटीबायोटिक दवाओं का गलत या अधूरा इस्तेमाल भविष्य में दवाओं के असर को कम कर सकता है, जिसे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस कहा जाता है.

दवा कैसे लेनी चाहिए

हर दवा की सही खुराक, सही समय और सही अवधि होती है. कई दवाएं खाली पेट नहीं ली जा सकती, जबकि कुछ दवाएं खाने के बाद ही प्रभावी होती हैं. कुछ दवाओं का दूसरी दवाओं या शराब के साथ सेवन भी नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए मरीजों को हमेशा दवा लेते समय फार्मासिस्ट से जरूरी जानकारी जरूर लेनी चाहिए.

फार्मासिस्ट मरीज को यह भी बता सकता है कि दवा के संभावित साइड इफेक्ट क्या हैं, यदि कोई डोज छूट जाए तो क्या करना चाहिए और दवा को किस तापमान पर सुरक्षित रखना है. इसके अलावा यदि मरीज को पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या लिवर की बीमारी है, तो दवा चुनते समय अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है.

कब डॉक्टर को दिखाना है जरूरी

यदि कोई बीमारी बारबार हो रही है, तेज बुखार कई दिनों तक बना हुआ है, सांस लेने में तकलीफ है, सीने में दर्द है या लगातार उल्टीदस्त हो रहे हैं, तो केवल मेडिकल स्टोर से दवा लेने की बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. सही इलाज हमेशा सही जांच और सही सलाह से ही संभव है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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