अयोध्या में सोमवार को यानी आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अहम बैठक होने वाली है. जहां ज्यादातर ट्रस्ट सदस्य बैठक में खुद शामिल होंगे, वहीं कुछ लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे. राम मंदिर के निर्माण और ट्रस्ट की भविष्य की गतिविधियों के लिहाज से यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

बैठक में कई सदस्य व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे, जिनमें ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, महासचिव चंपत राय, निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, परमानंद गिरि महाराज, अनिल मिश्र, कृष्ण मोहन, महंत दिनेन्द्र दास और कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज शामिल हैं.
वहीं, संस्थापक ट्रस्टी के. परासरन और स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ महाराज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल होंगे.पदेन सदस्य प्रशांत लोखंडे और संजय प्रसाद के साथसाथ अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी भी इसमें हिस्सा लेंगे.
कहां रुके चंपत और अनिल मिश्रा?
बैठक से पहले ही ट्रस्ट के सदस्य अयोध्या पहुंचना शुरू हो गए हैं. नृपेंद्र मिश्र सर्किट हाउस में ठहरेंगे, जबकि गोविंद देव गिरि महाराज वैदेही भवन में रुकेंगे. स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महर्षि आश्रम में, जगद्गुरु माधवाचार्य माधव आश्रम में, परमानंद गिरि और कृष्ण मोहन विश्व हिंदू परिषद के रामसेवक पुरम परिसर में, महंत दिनेन्द्र दास निर्मोही अखाड़ा में और चंपत राय तीर्थ क्षेत्र भवन में ठहरेंगे. अनिल मिश्र तीर्थ क्षेत्र भवन और अपने घर, दोनों जगहों पर रुकेंगे.
VHP और बजरंग दल के पदाधिकारी पहुंचे
ट्रस्ट की बैठक से पहले विश्व हिंदू परिषद के बड़े पदाधिकारी भी अयोध्या पहुंचना शुरू हो गए हैं. VHP की युवा शाखा, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक शान दौनेरिया अयोध्या पहुंच चुके हैं. इसके अलावा, VHP के केंद्रीय महासचिव बजरंग लाल बागरा भी शहर पहुंच गए हैं.
कौन हैं बजरंग लाल बागरा?
बजरंग लाल बागरा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों में से एक हैं. महासचिव बनने से पहले, उन्होंने VHP के संयुक्त महासचिव के तौर पर काम किया और ‘एकल अभियान’ के अध्यक्ष और CEO की जिम्मेदारियां भी संभालीं. पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट, बागरा इससे पहले नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड और RITES लिमिटेड में डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के तौर पर काम कर चुके हैं.
बैठक पर देशभर की नजर
ट्रस्ट की इस बैठक में राम मंदिर से जुड़े अलगअलग प्रशासनिक मामलों, निर्माण कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है. देश भर के श्रद्धालु और राम मंदिर से जुड़े संगठन इस बैठक पर करीबी नजर रखे हुए हैं.




