Monday, February 23, 2026
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15 दिनों का अल्टीमेटम,, शुरू हुआ अभियान! बिहार में डीजे वालों की खैर नहीं, जारी हुआ ये आदेश

15 दिनों का अल्टीमेटम,, शुरू हुआ अभियान! बिहार में डीजे वालों की खैर नहीं, जारी हुआ ये आदेश

Bihar News: बिहार को ध्वनि प्रदूषण और सड़क हादसों से बचाने के लिए परिवहन विभाग ने डीजे मुक्त बिहार अभियान का बिगुल फूंक दिया है. विभाग के सचिव राज कुमार ने सभी जिलों को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए अवैध रूप से मॉडिफाइड डीजे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. अब बिना अनुमति के वाहनों की संरचना बदलने या तेज आवाज वाले सिस्टम लगाने पर न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने और गिरफ्तारी तक की कार्रवाई की जाएगी. पटना सहित कई जिलों में जब्ती और चालान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

बिहार सरकार ने राज्य की सड़कों पर सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. परिवहन विभाग ने अगले 15 दिनों के भीतर पूरे बिहार को अवैध और तेज आवाज वाले डीजे वाहनों से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है. विभाग के सचिव राज कुमार ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों और मोटर वाहन निरीक्षकों को युद्धस्तर पर कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं. इसके बाद इस पर कार्रवाई भी शुरू हो गई है.

अक्सर शादी-ब्याह और अन्य समारोहों के दौरान अवैध रूप से मॉडिफाइड किए गए डीजे वाहन न केवल गंभीर ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं. बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करते हैं. इन वाहनों की बनावट में किए गए अवैध बदलाव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने डीजे मुक्त बिहार का संकल्प लिया है.

अभियान के तहत केवल मॉडिफिकेशन ही नहीं, बल्कि प्रदूषण मानकों की भी कड़ाई से जांच होगी. अगर कोई वाहन निर्धारित मानक से अधिक शोर या धुआं फैलाता है, तो उस पर ₹2,000 का तत्काल चालान काटा जाएगा. साथ ही व्यावसायिक उपयोग के नाम पर पंजीकृत कराकर डीजे सिस्टम लगवाने वाले वाहनों को विशेष रूप से चिह्नित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है.

सरकार ने इस पर शख्त निर्देश दिया है. परिवहन सचिव ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगी. मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जा रहे हैं. धारा 52 के तहत बिना अनुमति के वाहन की संरचना में बदलाव करना पूर्णतः प्रतिबंधित है. धारा 55 (5) एवं 182(ए) के तहत अवैध डीजे वाहनों का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है और भारी आर्थिक दंड लगाया जा सकता है. आदेश में स्पष्ट है कि यदि नियम उल्लंघन की गंभीरता अधिक हुई, तो संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी भी की जा सकती है.

राजधानी पटना समेत बिहार के विभिन्न जिलों में यह अभियान जोर-शोर से शुरू हो चुका है. अब तक सैकड़ों मॉडिफाइड डीजे वाहन पकड़े जा चुके हैं. उन्हें जब्त कर लिया गया है. परिवहन सचिव ने चेतावनी दी है कि जो लोग अब भी अवैध डीजे गाड़ियों का संचालन कर रहे हैं, वे तुरंत इन्हें हटा लें. वरना विभाग उन्हें जब्त करने में कोई कोताही नहीं बरतेगा.

इस फैसले से न केवल बुजुर्गों और मरीजों को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिलेगी. बल्कि शादी-बारातों में होने वाली अव्यवस्था पर भी लगाम लगेगी. सरकार का यह कदम सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

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