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15 की क्षमता थी, नाववाले ने जबरदस्ती बिठाये 40, पलटी तो मचा कोहराम​

सीतामढ़ी। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद बिहार में कोसी, बागमती समेत कई नदियां उफान पर हैं। इसी बीच रविवार को सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर स्थित बागमती नदी में 40 लोगों से भरी एक नाव पलट गई। नाव पलटते ही मौके पर चीखपुकार मच गई। हादसे के बाद करीब 1 घंटे तक दहशत का […]

सीतामढ़ी। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद बिहार में कोसी, बागमती समेत कई नदियां उफान पर हैं। इसी बीच रविवार को सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर स्थित बागमती नदी में 40 लोगों से भरी एक नाव पलट गई। नाव पलटते ही मौके पर चीखपुकार मच गई।

हादसे के बाद करीब 1 घंटे तक दहशत का माहौल था। हालांकि, स्थानीय लोगों ने नदी में छलांग लगाकर सभी यात्रियों को बचा लिया। कई लोग खुद तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए।

प्रत्यक्षदर्शी अमित ने बताया,
नाव चालक हम लोगों से भी कह रहा था कि आ जाइए, नदी पार करा देंगे। दूसरी बार में देर हो जाएगी, जल्दी पहुंच जाएंगे, लेकिन हमने नाव पर ज्यादा भीड़ देखकर मना कर दिया। थोड़ी ही देर बाद नाव पलटने की जानकारी मिली।

हादसे के बाद स्थानीय गोताखोरों ने नदी में छलांग लगाई और लोगों की जान बचाई। कुछ लोग खुद से तैरकर बाहर निकल गए। बागमती नदी में नाव पलटने का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि एक नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार हैं।

नदी की तेज धारा के बीच नाव पहले डगमगाती है और फिर अचानक पलट जाती है। नाव पलटते ही सभी यात्री नदी में गिर जाते हैं। वहीं, नदी के दूसरे किनारे पर खड़े लोग मदद के लिए चिल्लाते और बचाव की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं।

नाव की क्षमता 1520 थी, 40 लोग बैठ गए

ग्रामीण इरफान अंसारी ने बताया कि खड़का गांव निवासी मो. फरहान का निधन हो गया था। उन्हें सुपुर्दएखाक करने के लिए शव को नदी पार स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया। मृतक के परिजन, शुभचिंतक और ग्रामीणों सहित 40 से अधिक लोग एक ही नाव पर सवार होकर कब्रिस्तान पहुंचे थे, क्योंकि कब्रिस्तान खड़का घाट के उस पार स्थित है।

सुपुर्दएखाक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी लोग उसी नाव से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और बीच धारा में नाव पलट गई। लोगों के मुताबिक, नाव की क्षमता सिर्फ 15 से 20 लोगों की थी।

सुरक्षित और पर्याप्त क्षमता वाली नावें उपलब्ध नहीं

सुरेश ने बताया, खड़का घाट से हर दिन बड़ी संख्या में लोग नाव के सहारे नदी पार करते हैं। दूरदराज के गांव है, इसलिए प्रशासन का भी कोई ध्यान बात नहीं है। ना कोई पुल बनाया है, ना कोई ढंग की नाव चलवाई है। यहां जो नाव है, छोटी नाव है और उस पर नाव वाले मनमाना किराया लेकर जरूरत से ज्यादा लोगों को बैठाकर आवागमन कराते हैं।

सीतामढ़ी में बागमती उफान पर, प्रशासन अलर्ट

नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे सीतामढ़ी और शिवहर जिले के तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।

सीतामढ़ी के डीएम रिची पांडे ने संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा है।

कोसी समेत कई नदियां उफान पर

नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद कोसी बराज पर पानी का दबाव बढ़ गया है। रविवार शाम 4 बजे बराज से 2,09,840 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 2,06,440 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं, BKS से 1,56,000 क्यूसेक पानी का प्रवाह हो रहा है।

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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