
महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं एग्जाम में सामूहिक नकल का सीसीटीवी फुटेज क्लिपImage Credit source: TV9
12th Board Exam: देश के कई राज्यों में 12वीं बोर्ड के एग्जाम शुरू हो गए हैं. सभी राज्यों की तरफ से बोर्ड एग्जाम को नकलविहीन बनाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. कुछ ऐसे ही दावे महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) ने भी किए हैं, लेकिन महाराष्ट्र के संभाजीनगर में 12वीं बोर्ड एग्जाम में सामूहिक नकल का मामला सामने आया है. सामूहिक नकल का ये मामला CCTV कैमरे के माध्यम से पकड़ा गया है, जिसमें परीक्षा केंद्र में लगे CCTV कैमरे ने टीचर्स के सामने हो रही सामूहिक नकल कैद हो गई. सीसीटीवी देखने के बाद MSBSHSE ने तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया है तो वहीं परीक्षा केंद्र में बैठे सभी 327 स्टूडेंट्स की कॉपियां जब्त कर ली हैं.
आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है? जानेंगे कि 12वीं बोर्ड में किस विषय का एग्जाम आयोजित हो रहा था? जानेंगे कि MSBSHSE की तरफ से दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
टीचर के सामने सामूहिक नकल, सीसीटीवी कैमरे में कैद
असल में सामूहिक नकल का मामला महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से आया है. संभाजीनगर में जैतापुर स्थित एक प्राइवेट स्कूल में 12वीं बोर्ड एग्जाज का परीक्षा केंद्र बनाया गया था. ये एग्जाम सेंटर कुल 327 स्टूडेंट्स को आवंटित था. 12वीं बोर्ड एग्जाम को नकलविहीन बनाने के लिए परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे. तो वहीं शिक्षकों की तैनाती थी, लेकिन अंग्रेजी विषय के एग्जाम के दिन टीचर्स के सामने ही स्टूडेंट्स सामूहिक नकल करते हुए नजर आए. ताे वहीं टीचर भी सामूहिक नकल में स्टूडेंट्स का साथ देते हुए दिखे. ये पूरा मामला सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से रिकॉर्ड होता रहा.
सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद कार्रवाई
12वीं इंग्लिश एग्जाम के बाद, जब इसकी सीसीटीवी फुटेज देखी तो ये सामूहिक नकल का मामला खुला. इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन टीचर्स को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संबंधित संस्थाचालक को आदेश जारी किए गए हैं. जांच के बाद परीक्षा केंद्र पर उपस्थित 327 स्टूडेंट्स की कॉपियां जब्त कर ली गईं हैं.
इंग्लिश में फेल, अब दोबारा देना होगा एग्जाम
प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए नकल करने वाले स्टूडेंट्स के इंग्लिश विषय के सभी अंक रद्द कर दिए हैं. इसके चलते संबंधित स्टूडेंट्स इंंग्लिश में फेल घोषित किए जाएंगे और उन्हें अब पूरक (सप्लीमेंट्री) परीक्षा देनी होगी.प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी.
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