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1 सितंबर से बदल रहे हैं जेब से जुड़े बड़े नियम! SGB रिडेम्पशन से लेकर एडवांस टैक्स तक, देखें जरूरी डेडलाइन्स​

सितंबर का महीना शुरू हो गया है और पैसे से जुड़े कई नए बदलाव और तारीखें भी आ रही हैं, जिनमें SGB के समय से पहले रिडेम्पशन की विंडो और LPG, ATF और बैंकिंग चार्ज में संभावित बदलाव शामिल हैं. इनके अलावा टैक्सपेयर्स के लिए भी अहम डेट इसी महीने से शुरू हो रही है. […]

सितंबर का महीना शुरू हो गया है और पैसे से जुड़े कई नए बदलाव और तारीखें भी आ रही हैं, जिनमें SGB के समय से पहले रिडेम्पशन की विंडो और LPG, ATF और बैंकिंग चार्ज में संभावित बदलाव शामिल हैं. इनके अलावा टैक्सपेयर्स के लिए भी अहम डेट इसी महीने से शुरू हो रही है. साथ ही 1 सितंबर से इंटरनेशनल ट्रैवल करने वाले पैसेंजर्स के लिए भी नियमों में बदलाव देखने को मिला है. आइए आपको भी बताते हैं कि आज से आम लोगों की जेब से जुड़े कौन कौन से बदलाव होने जा रहे हैं…

ITR की डेडलाइन

31 अगस्त उन टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की डेडलाइन थी जो बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करते हैं और जिनके अकाउंट्स का ऑडिट होना जरूरी नहीं है . जिन टैक्सपेयर्स के अकाउंट्स का टैक्स ऑडिट होना जरूरी है, उनके लिए ITR फाइल करने की डेडलाइन 31 अक्टूबर, 2026 है. जिन टैक्सपेयर्स ने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है, उन्हें इन डेडलाइन का ध्यान रखना चाहिए और अपनी इनकम के सोर्स और लेवल के आधार पर सही ITR फॉर्म चुनना चाहिए. वहीं दूसरी ओर टैक्सपेयर्स के लिए इन तारीखों का ध्यान रखना भी जरूरी है:

  • 7 सितंबर: अगस्त के लिए TDS/TCS का भुगतान.
  • 15 सितंबर: संबंधित टैक्स वर्ष के लिए एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त.
  • 11 सितंबर: पात्र टैक्सपेयर्स के लिए मासिक GSTR1 फाइल करने की समयसीमा.
  • 20 सितंबर: मासिक फाइलर्स के लिए GSTR3B फाइल करने की समयसीमा.
  • 30 सितंबर: कई टैक्स ऑडिट और अन्य नियमों के पालन से जुड़ी समयसीमा.

FCNR स्पेशल विंडो बंद हो रही है

कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फॉरेन करेंसी नॉनरेसिडेंट यानी FCNR डिपॉजिट्स में एक अहम बदलाव का प्रस्ताव है. रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की योग्य FCNR डिपॉजिट्स के लिए स्पेशल डॉलररुपया स्वैप सुविधा 31 अगस्त, 2026 को खत्म हो जाएगी. 1 सितंबर, 2026 से FCNR डिपॉज़िट्स को इसका फायदा नहीं मिलेगा. हालाँकि, इसका मतलब यह नहीं है कि FCNR बंद हो जाएगी. बैंक रेगुलेटरी नियमों के तहत ये डिपॉजिट्स देना जारी रख सकते हैं. ब्याज दरें मौजूदा हालात और बैंक की पॉलिसी के आधार पर तय होंगी. जो NRI ऐसी डिपॉजिट्स में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं, उनके लिए इस स्पेशल विंडो के खत्म होने से डिपॉजिट्स पर मिलने वाली दरों पर असर पड़ सकता है.

1 सितंबर से इंटरनेशनल यात्रा के नियम

1 सितंबर, 2026 से, भारत से इंटरनेशनल यात्रा करने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटरों पर अपने बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगवाने की जरूरत नहीं होगी. ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ज्यादा डिजिटल डिपार्चर प्रोसेस की ओर बढ़ रहा है, जिससे यात्री इमिग्रेशन की औपचारिकताओं के दौरान अपने मोबाइल फोन पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या प्रिंटेड कॉपी दिखा सकेंगे. इस कदम से एयरपोर्ट से निकलने की प्रक्रिया आसान होने और इंटरनेशनल यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त स्टेप खत्म होने की उम्मीद है. हालांकि, यात्रियों को अभी भी यात्रा के लिए जरूरी सभी डॉक्यूमेंट्स साथ रखने होंगे, जिनमें वैलिड पासपोर्ट और जहाँ लागू हो, वीजा शामिल है. एयरलाइन चेकइन की ज़रूरतें, सिक्योरिटी स्क्रीनिंग और इमिग्रेशन की अन्य औपचारिकताएं पहले की तरह ही लागू रहेंगी.

फिक्स्ड डिपॉजिट

फिक्स्ड डिपॉजिट इन्वेस्टर्स को सितंबर के बदलावों और बल्क डिपॉजिट के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बदले हुए फ्रेमवर्क के बीच कन्फ्यूज नहीं होना चाहिए. रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया का बल्क डिपॉजिट के लिए बदला हुआ नियम 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा. नए नियमों के तहत, बैंकों को हर कामकाजी दिन अपनी वेबसाइट पर 3 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा की बल्क डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याज दरों को पब्लिश करना होगा. उन्हें एक ही कैटेगरी में आने वाली और एक ही तारीख को स्वीकार की गई डिपॉजिट के लिए सभी ब्रांच में एक जैसी ब्याज दर देनी होगी. इन बदलावों का मुख्य मकसद बड़े डिपॉजिटर के लिए पारदर्शिता बढ़ाना है. रिटेल FD निवेशकों के लिए, नए नियमों का मतलब यह नहीं है कि मौजूदा डिपॉजिट की कीमत दोबारा तय की जाएगी या उनकी तय ब्याज दरें अपने आप बदल जाएंगी.

सितंबर 2026 में SGB रिडेम्पशन की रिक्वेस्ट

कुछ सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड रखने वाले निवेशक सितंबर 2026 में समय से पहले रिडेम्पशन के लिए रिक्वेस्ट दे सकते हैं. RBI के कैलेंडर के अनुसार, 15 अक्टूबर, 2019 को जारी 201920 सीरीज V, 15 अक्टूबर, 2026 को रिडेम्पशन के लिए योग्य होगी, जिसके लिए रिक्वेस्ट 14 सितंबर से 5 अक्टूबर तक स्वीकार की जाएंगी. 30 अक्टूबर, 2019 को जारी 201920 सीरीज VI, 30 अक्टूबर, 2026 को रिडीम की जा सकेगी, जिसके लिए रिक्वेस्ट विंडो 29 सितंबर से 21 अक्टूबर तक खुली रहेगी. 28 अप्रैल, 2020 को जारी 202021 सीरीज I, 28 अक्टूबर, 2026 को रिडीम की जा सकेगी, जिसके लिए रिक्वेस्ट 26 सितंबर से 19 अक्टूबर तक स्वीकार की जाएंगी. 20 अक्टूबर, 2020 को जारी 202021 सीरीज VII, 19 अक्टूबर, 2026 को रिडीम की जा सकेगी, जिसके लिए रिक्वेस्ट विंडो 19 सितंबर से 9 अक्टूबर तक खुली रहेगी.

नॉमिनेशन के नए नियम

इन्वेस्टर्स को नॉमिनेशन से जुड़ी ज़रूरतों पर ध्यान देना होगा. डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड के लिए नॉमिनेशन से जुड़े नए नियम हैं. ये नियम 1 सितंबर, 2026 से लागू होंगे. इन्वेस्टर्स को यह देखना चाहिए कि उनकी नॉमिनेशन की जानकारी अपडेटेड है या नहीं और जरूरी नॉमिनेशन पूरे हो गए हैं. अपडेट्स की जानकारी रखने से भविष्य में नॉमिनी के लिए एसेट्स का ट्रांसफर आसान हो जाएगा.

ETF का बदला हुआ फ्रेमवर्क

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया 7 सितंबर, 2026 से एक्सचेंजट्रेडेड फंड्स के लिए एक बदला हुआ फ्रेमवर्क लागू कर रहा है. इन बदलावों में ETF ट्रेडिंग के कई पहलू शामिल हैं, जैसे बेस प्राइस, प्राइस बैंड, प्रीओपन कॉल ऑक्शन और क्लोजआउट सिस्टम. इसे लागू करने की तारीख बढ़ाकर 7 सितंबर, 2026 कर दी गई थी. इससे मार्केट में शामिल लोगों को बदले हुए फ्रेमवर्क के लिए तैयारी करने का ज़्यादा समय मिल जाता है.

छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की घोषणा

सरकारी छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए 30 सितंबर, 2026 एक अहम तारीख है. उम्मीद है कि सरकार अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए इन योजनाओं पर लागू होने वाली ब्याज दरों का ऐलान करेगी. इस घोषणा से यह तय होगा कि मौजूदा दरें वैसी ही रहेंगी या नई तिमाही के लिए उनमें बदलाव किया जाएगा. जिन निवेशकों ने छोटी बचत योजनाओं जैसे प्रोडक्ट्स में निवेश किया है, उन्हें संभावित रिटर्न के आधार पर कोई भी फैसला लेने से पहले इस नोटिफिकेशन पर नज़र रखनी चाहिए.

1 सितंबर से टाटा मोटर्स की कारों की कीमतें बढ़ेंगी

नई कार खरीदने की योजना बना रहे लोगों को एक और बात पर ध्यान देना होगा. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने घोषणा की है कि 1 सितंबर, 2026 से उसकी कारों और SUVs की कीमतों में 25,000 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी. कीमतों में यह बदलाव कंपनी की सभी पैसेंजर गाड़ियों पर लागू होगा, जिसमें इंटरनल कंबशन इंजन वाली गाड़ियां और इलेक्ट्रिक गाड़ियां दोनों शामिल हैं. बढ़ोतरी की रकम सभी गाड़ियों के लिए एक जैसी नहीं होगी और यह खास मॉडल और वैरिएंट पर निर्भर करेगी. इसलिए, जो ग्राहक टाटा मोटर्स की गाड़ी बुक करने वाले हैं, उन्हें खरीदारी पक्की करने से पहले लागू होने वाली कीमत देख लेनी चाहिए, क्योंकि नई कीमतें 1 सितंबर से लागू होंगी.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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