Monday, February 23, 2026
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होंठों को सिकोड़ना अपने आप नहीं होता, आपकी पर्सनालिटी के बारे में बताता है 7 बातें

होंठों को सिकोड़ना अपने आप नहीं होता, आपकी पर्सनालिटी के बारे में बताता है 7 बातें

Pursed Lips Meaning: हमारी बॉडी लैंग्वेज कई बार वो बातें बयां कर देती है जो हम लफ्जों में कह नहीं पाते. आंखों का कॉन्टैक्ट, हाथों की हरकतें या फिर चेहरे के एक्सप्रेशन, ये सभी हमारी पर्सनालिटी का आइना होते हैं. इन्हीं में से एक आदत है होंठों को सिकोड़ना (Lips Pursing). आपने गौर किया होगा कि बहुत से लोग बातचीत के दौरान या सोचते वक्त होंठों को कसकर दबा लेते हैं. ये सिर्फ एक नॉर्मल आदत नहीं है, बल्कि आपके मन के छिपे जज्बात और पर्सनलाटी का अक्स भी हो सकती है. आइए जानते हैं होंठों को सिकोड़ने के पीछे छिपे इशारे.

होठों को सिकोड़ने का मतलब

1. स्ट्रेस और बेचैनी का इशारा
जब कोई शखअस असहज महसूस करता है या किसी सिचुएश को लेकर परेशान होता है, तो वो अनजाने में होंठ सिकोड़ लेता है. ये बॉडी लैंग्वेज का वो रूप है जो बताता है कि इंसान अंदर से इनसिक्योर या फिक्रमंद है.

2. अपनी बात छिपाने की कोशिश
अगर कोई इंसान आपसे बात कर रहा है और बार-बार होंठ दबा रहा है, तो बेहद मुमकिन है कि वो कोई राज छिपा रहा हो या अपनी पूरी बात बताने से बच रहा हो. इस एक्सप्रेशन को साइकोलॉजी में “होल्डिंग बैक” सिग्नल (Holding Back Signal) भी माना जाता है.

3. गुस्सा या नाराजगी
कई बार लोग गुस्सा जाहिर करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश करते हैं. ऐसी स्थिति में वे होंठों को कसकर दबा लेते हैं. इसका मतलब है कि वे अपना गुस्सा लफ्जों में नहीं कहना चाहते, लेकिन उनका चेहरा सब बयां कर देता है.

4. कॉन्फिडेंस की कमी
अगर कोई इंसान लगातार दूसरों के सामने होंठ सिकोड़ रहा है, तो यह उसके अंदर मौजूद लो सेल्फ-एस्टीम (Low Self Esteem) का भी इशारा हो सकता है. ये आदत बताती है कि वो इंसान खुद को एक्सप्रेस करने में झिझक महसूस करता है.

5. सोचने या फैसले लेने का इशारा
कभी-कभी लोग किसी अहम फैसले पर विचार करते वक्त भी होंठ सिकोड़ते हैं. ये उनके कंसंट्रेशन और सीरियस थिंकिंग की निशानी हो सकती है. ये एक्सप्रेशन बताता है कि इंसान सही ऑप्शन चुनने की कोशिश कर रहा है.

6. असहमति या नापसंदगी
किसी की बात सुनते समय होंठ सिकोड़ना इस तरफ भी इशारा करता है कि वो इंसान अंदर ही अंदर उस बात से सहमत नहीं है. हालांकि वह खुलकर ‘न’ नहीं कह रहा होता, लेकिन उसकी बॉडी लैंग्वेज उसकी असहमति को साफ कर देती है.

7. खुद को कंट्रोल करने की कोशिश
बहुत बार हम ऐसी सिचुएशन में होते हैं जहां हमें कुछ बोलने से बचना पड़ता है. ऐसे वक्त में लोग अपने होंठ दबाकर खुद को शांत करने की कोशिश करते हैं. ये इशारा करता है कि वो शख्स अपने जज्बात पर कंट्रोल बनाए रखना चाहता है.

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