
शिमला। आंधी, ओलावृष्टि और बेमौसमी वर्षा से हिमाचल में 1,226.75 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। इसके कारण लगभग 1.49 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कृषि विभाग द्वारा करवाए आकलन में यह सामने आया है। कृषि विभाग ने रिपोर्ट को सरकार को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार चार जिलों मंडी, ऊना, शिमला और सिरमौर में सबसे अधिक प्रभाव गेहूं, जौ, दलहनों और सब्जियों पर पड़ा है। गेहूं की फसल सर्वाधिक प्रभावित हुई है। प्रदेश में गेहूं की करीब 981 हेक्टेयर फसल खराब हुई है, जिससे लगभग 62.85 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
इसके अलावा दलहनों (चना, मसूर आदि) में भी 166 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। कृषि विभाग ने नुकसान की रिपोर्ट में प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाने की सिफारिश की है। आने वाले दिनों में यदि ऐसी स्थिति रहती है तो 50 प्रतिशत तक उत्पादन पर असर पड़ेगा। 74.75 हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियां भी प्रभावित हुई हैं, इससे 26.92 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसका सीधा असर किसानों की आय और रबी की फसलों के उत्पादन पर होगा। जिला स्तर पर मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां 66.99 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इससे किसानों व बागवानों की चिंता बढ़ गई है।
डॉ. रविंद्र जसरोटिया ने कहा कि जिला स्तर पर हुआ नुकसान जिला प्रभावित क्षेत्र नुकसान मंडी 17566.99, ऊना 88146.00, शिमला 40.7518.64, सिरमौर13017.44 (प्रभावित क्षेत्र हेक्टेयर व नुकसान लाखों में) आंधी, ओलावृष्टि और बेमौसमी वर्षा के कारण प्रदेश में 1,226.75 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। इस संबंध में सरकार को रिपोर्ट भेज दी है। इससे कृषि उत्पादन पर असर पड़ा है। वर्षा और ओलावृष्टि का दौर ऐसे ही जारी रहा तो नुकसान और बढ़ जाएगा।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर होती रही वर्षा दर्रों में भी हुआ हल्का हिमपात l लाहुल-पांगी मुख्य मार्ग भूस्खलन से बंद, पांगी का लाहुल से संपर्क कटा लकड़ी का पुल ही सहारा तीन दशक से सियूंर में रावी नदी पर लकड़ी का पुल बना है जहां से छोटे वाहन व लोग आरपार होते हैं।
लकड़ी के पुल की भार क्षमता अधिक न होने के कारण खाली वाहन ही यहां से गुजारे जाते हैं। सामान व सवारियों को पुल के एक तरफ उतारना पड़ता है। यह पुल भी पत्थर व भूस्खलन की चपेट में आने से कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। एक बार तो भूस्खलन की चपेट में आने से पुल पूरी तरह से टूट गया था।
भरमौर के लोक निर्माण विभाग अधिशाषी अभियंता वीसी ठाकुर ने कहा कि सियूंर के समीप रावी पर निर्माणाधीन पुल पहाड़ी दरकने के कारण भूस्खलन की चपेट में आने से ढह गया है। पुल का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया था। इस माह के अंत तक पुल चालू होने की उम्मीद थी।





