KL Rahul equals Rohit Sharma Record: आईपीएल 2026 के आखिरी लीग मुकाबलों में बल्लेबाजों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई और शानदार अर्धशतक जमाकर टीम के लिए अहम योगदान दिया। उनकी इस पारी ने न सिर्फ दिल्ली को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में मदद की, बल्कि राहुल को आईपीएल इतिहास के एक खास क्लब में भी शामिल करा दिया।

ईडन गार्डन्स में खेले जा रहे मुकाबले में राहुल ने तेज रफ्तार बल्लेबाजी करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी पारी के दौरान कई आकर्षक शॉट देखने को मिले और उन्होंने गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
अर्धशतक के साथ रोहित शर्मा की बराबरी
केएल राहुल ने इस मुकाबले में 30 गेंदों का सामना करते हुए 60 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 4 शानदार छक्के शामिल रहे। इस अर्धशतक के साथ राहुल ने आईपीएल इतिहास में 50 या उससे अधिक स्कोर बनाने का आंकड़ा 51वीं बार छू लिया।
यही वजह है कि उन्होंने मुंबई इंडियंस के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। अब दोनों खिलाड़ियों के नाम आईपीएल में 51-51 बार 50+ स्कोर दर्ज हैं। यह उपलब्धि राहुल की निरंतरता और लंबे समय से टी20 क्रिकेट में उनके प्रभावशाली प्रदर्शन को दर्शाती है।
Khabar Monkey
आईपीएल में सबसे ज्यादा 50+ रन
- 76 – विराट कोहली
- 66 – डेविड वार्नर
- 53 – शिखर धवन
- 51 – राहुल*
- 51 – रोहित शर्मा
पूरे सीजन में शानदार रहा राहुल का बल्ला
आईपीएल 2026 के दौरान केएल राहुल ने लगातार प्रभावशाली बल्लेबाजी की। उन्होंने 14 मैचों की 14 पारियों में 45.61 की औसत से 593 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और पांच अर्धशतक निकले।
राहुल ने कई मौकों पर टीम की जिम्मेदारी संभाली और कठिन परिस्थितियों में भी रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला, जिसने उन्हें इस सीजन के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल कर दिया।
पंजाब के खिलाफ खेली थी यादगार पारी
इस सीजन राहुल की सबसे चर्चित पारी के खिलाफ आई थी। उस मुकाबले में उन्होंने 152 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया था। वह आईपीएल इतिहास में एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बने।
हालांकि का व्यक्तिगत प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन दिल्ली कैपिटल्स टीम के रूप में प्लेऑफ तक पहुंचने में सफल नहीं हो सकी। इसके बावजूद राहुल का यह सीजन उनकी बल्लेबाजी क्षमता और निरंतरता की एक और मजबूत मिसाल बनकर सामने आया।





