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हाई कोर्ट का बड़ा फैसला! हाई-टेंशन करंट हादसे में झुलसी 10 साल की बच्ची को ₹1 करोड़ मुआवजा


पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के अटेली कस्बे की 10 साल की बच्ची को लगभग 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. यह मामला चार साल पुराने दर्दनाक हादसे से जुड़ा है, जिसमें बच्ची 11 केवी हाई-टेंशन तार के संपर्क में आने से गंभीर रूप से झुलस गई थी. हादसे के समय उसकी उम्र मात्र 6 साल थी.

इस हादसे में बच्ची का दाहिना हाथ बुरी तरह झुलस गया था, जिसके चलते डॉक्टरों को उसका हाथ काटना पड़ा. इसके बाद वह लगभग 92 प्रतिशत तक दिव्यांग हो गई. यह मामला जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस विकास सूरी की डिवीजन बेंच के सामने सुना गया.

कैसे हुआ था हादसा ?

जानकारी के अनुसार, बच्ची अपने घर की बालकनी के पास से गुजरते समय उस हाई-टेंशन लाइन के संपर्क में आ गई थी, जो उसकी बालकनी के बेहद करीब से गुजर रही थी. परिवार ने कई बार बिजली विभाग को इस खतरे के बारे में शिकायत भी दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.

अदालत ने अपने फैसले में कहा, “हर बच्ची को संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत एक स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है. कोर्ट ने माना कि यह हादसा उसके पूरे जीवन को प्रभावित करेगा और जैसे-जैसे वह बड़ी होगी, उसे शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा

बिजली कंपनी ने दिया था इतना मुआवजा

जांच में यह पाया गया कि हादसे के लिए दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (DHBVN) जिम्मेदार है, क्योंकि हाई-टेंशन लाइन को लेकर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था.

शुरुआत में बिजली कंपनी ने अपनी नीति के तहत लगभग 18.9 लाख रुपये का मुआवजा दिया था, लेकिन हाई कोर्ट ने इसे अपर्याप्त बताया. इसके बाद कोर्ट ने कुल 99.93 लाख रुपये का मुआवजा तय किया, जिसमें भविष्य की आय का नुकसान, इलाज व पुनर्वास खर्च, मानसिक और शारीरिक पीड़ा, जीवनभर देखभाल की जरूरत और अन्य जरूरी देखभाल भी शामिल है.

 

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