
चंडीगढ़: हरियाणा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस के अंदर घमासान मचा हुआ है। क्रॉस वोटिंग के आरोपी पांच विधायकों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार को हुई अनुशासन समिति की बैठक में अब तक के घटनाक्रम पर अंतिम रिपोर्ट तैयार की गई। बैठक के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई जब नारायणगढ़ की विधायक शैली गुर्जर तथा सढ़ौरा की विधायक रेणु बाला अपना पक्ष रखने के लिए कांग्रेस मुख्यालय में पहुंच गई।
अब हाईकमान करेगा फैसला
शैली ने बताया है कि उन्होंने कांग्रेस को ही वोट किया था। हमने अपनी बात रख दी है। हरियाणा की जनता जानती है कि इस मामले में राजनीति हो रही है। वहीं कांग्रेस के अनुशासन कमेटी के चेयरमैन अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने बताया कि पांच में से तीन विधायकों ने अपना पक्ष रखा है और दो ने नहीं रखा। हमने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। हम यह रिपोर्ट हाईकमान को भेजेंगे। वही इस मामले में फैसला लेंगे।
कांग्रेस के पांच विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग
बता दें कि हरियाणा में 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध चुनाव तो जीत गए थे, लेकिन पांच विधायकों पर क्रॉस वोटिंग तथा चार विधायकों पर वोट रद्द करवाने के आरोप लगे। जिन विधायकों के वोट रद्द हुए हैं उनके विरुद्ध नियमों का हवाला देकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पार्टी ने विधायक नारायणगढ़ विधायक शैली गुर्जर, साढ़ौरा विधायक रेणु बाला, हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल तथा पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास को 18 मार्च को नोटिस जारी कर दिया। इसके बाद 20 मार्च को रतिया विधायक जरनैल सिंह को भी नोटिस जारी कर दिया गया।
हरियाणा विधानसभा में 90 विधायक हैं।
इसमें 48 विधायक बीजेपी, 37 कांग्रेस, दो आईएनएलडी और तीन निर्दलीय हैं।
राज्यसभा चुनाव में कुल 88 विधायकों ने वोट डाला था।
आईएनएलडी के दो विधायकों ने वोटिंग का बहिष्कार किया





