
हिसार/पानीपत। हरियाणा में मार्च 2026 मौसम के लिहाज से ‘पलटियों का महीना’ बन गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्विद्यालय (एचएयू) के आंकड़ों के अनुसार इस महीने अब तक चार बार मौसम ने बड़ा यू-टर्न लिया है। पहले सप्ताह में पारा 33 डिग्री पार पहुंचकर समय से पहले गर्मी का संकेत दे रहा था, लेकिन 21–22 मार्च को हालात ऐसे बदले कि तापमान 18.5 डिग्री तक गिर गया और जनवरी जैसी ठंड व धुंध देखने को मिला।
अब एक बार फिर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, इससे तीन दिन प्रदेश में वर्षा, तेज हवाएं और अंधड़ का असर रहने का अलर्ट जारी किया गया है। 21–22 मार्च को 32 साल का सबसे कम अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री दर्ज हुआ।
अब 26 मार्च के बाद फिर से मौसम बदल गया है और वर्षा व आंधी का दौर शुरू हो रहा है। इसके अलावा विभाग का रिकॉर्ड बताता है कि मार्च में सामान्य तौर पर 10 से 12 मिमी वर्षा होती है, जबकि इस बार कई जिलों में 25 से 30 मिमी वर्षा दर्ज हो चुकी है।
अब क्या रहेगा असर
एचएयू के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर के अनुसार 28 से 30 मार्च के बीच अधिकांश जिलों में वर्षा, गरज-चमक और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
बार-बार मौसम बदलने से फसलों पर असर पड़ रहा है। एचएयू के अनुसार गेहूं में दाना भरने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और पीला रतुआ का खतरा बढ़ा है। मंडियों में खुली फसल पर वर्षा और हवाओं से नुकसान की आशंका बनी हुई है।





