
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) की 12वीं की परीक्षाओं में सामूहिक नकल का एक ऐसा संगठित और शर्मनाक खेल सामने आया है, जिसने पूरे शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया है. पानीपत के इसराना और डाहर परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए तैनात पुलिसकर्मी, सेंटर सुपरिंटेंडेंट और टीचर खुद ही बच्चों को धड़ल्ले से नकल कराते हुए पकड़े गए हैं. इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा बोर्ड चेयरमैन की स्पेशल रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की जांच में हुआ है.
रक्षक ही बने भक्षक
जांच टीम के हाथ ऐसे सीसीटीवी (CCTV) वीडियो लगे हैं, जो पूरी परीक्षा व्यवस्था पर करारा तमाचा हैं. सामने आए वीडियो (जो फरवरी माह में हुए एग्जाम के हैं) में साफ दिख रहा है कि परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मी, सेंटर सुपरिंटेंडेंट और महिला टीचर खुद बच्चों को नकल सामग्री (पर्ची) पहुंचा रहे हैं और उन्हें नकल करने में पूरी मदद कर रहे हैं.
CCTV कैमरों को ढाल नहीं, हथियार बनाया
स्पेशल RAF से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इन केंद्रों पर पहले ही पेपर से नकल का खुला तांडव मचा हुआ था. यहां सीसीटीवी कैमरों को नकल रोकने की ढाल नहीं, बल्कि नकल का हथियार बनाया गया था, जब भी चेकिंग टीम (फ्लाइंग) सेंटर पर पहुंचती थी, तो बच्चे बिल्कुल सलीके से बैठकर परीक्षा दे रहे होते थे और कैमरे दुरुस्त मिलते थे. जब टीम ने सीसीटीवी की गहराई से जांच की, तो पता चला कि चेकिंग टीम के न होने पर कैमरों को जानबूझकर बंद कर दिया जाता था और नकल का खुला खेल चलता था. यहां सीसीटीवी में आखिरी रिकॉर्डिंग 12 मार्च को ही कैद हुई है. इसके बाद सेंटर पर जुगाड़ लगाकर रिकॉर्डिंग को ही बंद कर दिया गया था.
सभी परीक्षाएं रद्द करने की सिफारिश
नकल के इस बड़े सिंडिकेट में पुलिस और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ लोकल चेकिंग टीम की मिलीभगत होने की भी पूरी संभावना है. फिलहाल, स्पेशल RAF टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य पुख्ता सबूतों के आधार पर इन दोनों सेंटरों (इसराना और डाहर) पर हुई सभी परीक्षाओं को रद्द करने की सख्त सिफारिश की है. इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.





