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हरियाणा के बुजुर्गों के लिए ‘राम लला’ के दर्शन हुए आसान, 28 मार्च को अंबाला से अयोध्या रवाना होगी विशेष तीर्थ ट्रेन


करनाल। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दर्शन के लिए विशेष ट्रेन अब 26 मार्च के बजाय 28 मार्च को अंबाला से रवाना होगी। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सत्यवान ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को निश्शुल्क धार्मिक स्थलों की यात्रा कराना है, ताकि वे जीवन के इस पड़ाव पर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकें।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वे वरिष्ठ नागरिक पात्र हैं, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है। योजना के अंतर्गत अयोध्या, वाराणसी, पटना साहिब, नांदेड़ साहिब, पुष्कर, वैष्णो देवी, शिरडी और शनि शिंगणापुर जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्राएं करवाई जाती हैं।

इस वर्ष अयोध्या यात्रा के लिए विशेष ट्रेन 28 मार्च को अंबाला रेलवे स्टेशन से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की जाएगी। यह ट्रेन कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत और दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर भी रुकेगी, जहां से आसपास के जिलों के श्रद्धालु यात्रा में शामिल हो सकेंगे। करनाल से यह ट्रेन दोपहर बाद रवाना होगी और यात्रियों को दोपहर 2 बजे तक स्टेशन पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे स्टेशन पर विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं को पहचान पत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपने साथ आवश्यक दवाइयां, कपड़े और कंबल अवश्य लेकर आएं। जिन बुजुर्गों के साथ सहयोगी जाएंगे, उनका पंजीकरण पोर्टल पर कराना अनिवार्य होगा, जबकि सहयोगियों को अपना खर्च स्वयं वहन करना होगा।

इस योजना की एक विशेष सुविधा यह भी है कि यदि पति-पत्नी में से किसी एक की आयु 60 वर्ष से अधिक है और उसका पंजीकरण हो चुका है, तो दोनों एक साथ यात्रा कर सकते हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक ट्रेन में कुल 11 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें से 10 कोच श्रद्धालुओं के लिए और एक कोच स्टाफ के लिए आरक्षित रहेगा।

सरकार की ओर से यात्रियों के लिए भोजन, पेयजल, तीर्थ स्थल तक परिवहन और ठहरने की संपूर्ण व्यवस्था निश्शुल्क की जाएगी। यह योजना न केवल बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि उनके जीवन में आध्यात्मिक संतुलन और संतोष का भाव भी बढ़ा रही है।

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