अक्टूबर 2025 में 126,272 डॉलर के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद, बिटकॉइन में 50% से ज़्यादा की भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब यह संभल रहा है. CoinMarketCap के डेटा के अनुसार, पिछले महीने बिटकॉइन में 24 फीसदी की तेजी देखने को मिली. जुलाई 2026 में लगभग 57,800 के निचले स्तर से, बिटकॉइन अब 38 फीसदी ऊपर है. जानकारों की मानें तो ट्रंप के पॉजिटिव रुख की वजह से बिटकॉइन की कीमतों में तेजी देखने को मिली है. उम्मीद लगाई जा रही है कि बिटकॉइन के दाम एक बार फिर से नया रिकॉर्ड बनाते हुए दिखाई दे सकते हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर क्रिप्टोकरेंसी और बिटकॉइन की कीमतों में किस तरह का अपडेट सामने आया है.

बिटकॉइन में तेजी
जानकारों का कहना है कि बिटकॉइन में हालिया तेजी मुख्य रूप से US ट्रेजरी के डेट बायबैक प्लान और व्हाइट हाउस में हुई क्रिप्टो समिट की वजह से आई है. इस समिट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘क्लैरिटी एक्ट’ पर चर्चा के लिए क्रिप्टो और डिजिटल एसेट से जुड़े लीडर्स को बुलाया था. जानकारों के मुताबिक, इससे अमेरिका में ज्यादा सपोर्टिव रेगुलेटरी माहौल को लेकर नई उम्मीद जगी है. उन्हें लगता है कि यह तेजी जारी रहेगी और बिटकॉइन 2026 के आखिर तक अपने रिकॉर्ड हाई लेवल को छूने की कोशिश करेगा.
रेगुलेशन क्रिप्टो एसेट्स
WazirX के वाइस प्रेसिडेंट राजगोपाल मेनन ने बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट में कहा कि US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के ‘रेगुलेशन क्रिप्टो एसेट्स’ ने क्रिप्टो को रेगुलेट करने और इसे अपनाने को आसान बनाने के इंडस्ट्री के इरादे को मजबूत किया है. मेनन ने कहा कि रेगुलेशन से सेंटीमेंट बेहतर हुआ, लिक्विडिटी ने इस कदम को सपोर्ट किया और शॉर्ट कवरिंग ने इसे और तेज कर दिया. अगस्त में स्पॉट बिटकॉइन ETF में भी भारी इनफ्लो देखा गया. SoSoValue के डेटा के अनुसार, अगस्त के तीसरे हफ्ते में कुल 307.45 मिलियन डॉलर का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया. CoinSwitch में भारत के बिजनेस VP बालाजी श्रीहरि ने बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट में कहा कि बढ़ती इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन ने बिटकॉइन के मार्केट स्ट्रक्चर को मजबूत किया है, लेकिन मैक्रोइकोनॉमिक झटके और तेजी से गिरावट अभी भी मुख्य जोखिम बने हुए हैं.
बिटकॉइन का आउटलुक
क्रिप्टो मार्केट के आउटलुक पर जानकारों का कहना है कि बिटकॉइन सबसे मजबूत कोर क्रिप्टो एसेट बना हुआ है, लेकिन आगे का रास्ता सीधा नहीं होगा. बिटकॉइन 2026 के आखिर तक अक्टूबर 2025 के अपने रिकॉर्ड को चुनौती दे सकता है, लेकिन इसके लिए महंगाई में कमी, ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और लगातार इंस्टीट्यूशनल इनफ्लो की जरूरत होगी. मेनन ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन, स्पॉट ETF फ्लो में सुधार और रेगुलेशन को लेकर ज़्यादा स्पष्टता बिटकॉइन की लॉन्गटर्म वैल्यू को मजबूत कर रही है. इंवेस्टर्स के लिए, मौजूदा मार्केट में सोचसमझकर निवेश करने की जरूरत है. जानकारों का कहना है कि शॉर्ट टर्म में ट्रेडर्स को 77,00078,000 डॉलर के आसपास सपोर्ट और 80,00080,500 डॉलर के आसपास रेजिस्टेंस पर नजर रखनी चाहिए. एक मजबूत ब्रेकआउट 85,000 डॉलर और उसके बाद 90,000 डॉलर तक का रास्ता खोल सकता है.