Wednesday, February 25, 2026
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वैवाहिक रिश्ते में दरार का, कारण बनता है उम्र का फासला अपनी उम्र के अनुरूप चुनना चाहिए साथी

वैवाहिक रिश्ते में दरार का, कारण बनता है उम्र का फासला अपनी उम्र के अनुरूप चुनना चाहिए साथी

आधुनिकता की दौड़ में भागते युवा अपनी शादी के लिए अपने साथी का चुनाव करते समय उम्र को अनदेखा करने लगे हैं। उनका मानना है कि शादी के लिए उम्र नहीं अपितु आपसी समझ, वैचारिक समानता, कम्पैकटिब्लिटी और परिपक्वता की जरूरत होती है। इस मामले में सिने संसार में आपको कई ऐसे कपल मिल जाएंगे जिनकी उम्र में बड़ा फासला है, लेकिन वे अपनी खुशहाल जिन्दगी बिता रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जिनकी शादीशुदा जिन्दगी ज्यादा लम्बी नहीं चली। जोड़े को उम्र के फासले के चलते कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें कुछ ऐसी समस्याएँ होती हैं जिनका समाधान ढूंढ़ना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। हमारे समाज में जहां पति-पत्नी के बीच उम्र का अंतर को टैबू माना जाता है. वहीं कई जोड़े ऐसे हैं जिनमें Age gap काफी ज्यादा है लेकिन वे खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। पति-पत्नी के बीच के उम्र के फासले की तब और चर्चा होती है जब पत्नी उम्र में बड़ी हो और पति छोटा। पति बड़ा हो तो बाप की उम्र का और पत्नी बड़ी हो तो पति की मां कहलाने लगती है। साथ ही लोगों का ऐसा मानना होता है कि लड़के या लड़की में जरूर कोई कमी होगी तभी अपने से ज्यादा उम्र वाले को जीवन साथी बनाने के लिए तैयार हो गए हैं। यानी की पति-पत्नी के बीच उम्र के गैप को मजबूरी या पैसे की लालच से जोड़कर देखा जाता है।
पति-पत्नी के बीच उम्र के अंतर के पिछले अध्ययनों से पता चला है कि कम उम्र का जीवनसाथी होना फायदेमंद है, जबकि अधिक उम्र का जीवनसाथी होना किसी के स्वयं के अस्तित्व के लिए हानिकारक है। उम्र के फासले का सबसे बड़ी कमजोरी बाद के जीवन में देखभाल और कम उम्र का जीवनसाथी होने के पड़ने वाले कुछ सकारात्मक मनोवैज्ञानिक और समाजशास्त्रीय प्रभाव हैं। वैसे यह बिलकुल सही बात है कि कम उम्र का जीवनसाथी होना पुरुषों के लिए फायदेमंद है, लेकिन महिलाओं के लिए हानिकारक है, जबकि अधिक उम्र का जीवनसाथी होना दोनों लिंगों के लिए हानिकारक है।
आमतौर पर, भारतीय समाज में, 2 विवाहित लोगों के बीच हमेशा उम्र का एक अंतर होता है, जहां महिला की उम्र पुरुष से कम से कम 5-6 साल कम होती है। लेकिन यह धारणा धीरे-धीरे बदल रही है खासकर उन लोगों की वजह से जो हमउम्र लोगों से शादी करते हैं या कम उम्र के पुरुष जो खुद से बड़ी उम्र की महिलाओं से शादी करते हैं। जिन शादीशुदा जोड़ों की उम्र में अधिक अंतर होता है वे कम संतुष्ट होते हैं जबकि समान उम्र के लोग जो एक-दूसरे से शादी करते हैं तो वे अधिक संतुष्ट महसूस करते हैं।
जब वित्तीय समस्याओं का सामना किया जाता है, तो कम उम्र के अंतर वाले जोड़ों को उन आयु वर्गों के मुकाबले बेहतर करने की संभावना होती है जो बड़ी उम्र के अंतर के साथ होती हैं।
कम उम्र की पत्नियों वाले पुरुष ज़्यादा उम्र की पत्नियों वाले लोगों की तुलना में बहुत खुश रहते हैं। इसी तरह, वे महिलाएं जो कम उम्र के पति के साथ रहती हैं उनकी तुलना में एक बड़ी उम्र वाले आदमी के साथ रहने वाली पत्नियां कम संतुष्ट होती हैं।
कई विवाहित जोड़े इस बात को मानते हैं कि नयी-नयी शादी में महसूस होने वाला उत्साह धीरे-धीरे कम हो जाता है। शादी में “हनीमून पीरियड” ज़्यादा दिन नहीं चलता। यह स्टडी उन बातों को साबित करती है कि जिन लोगों की उम्र में अंतर होता है उनकी शादी में समय बीतने के साथ संतुष्टि कम हो जाती है। यानि यह कहा जा सकता है कि समान उम्र के पति-पत्नी उम्र में अंतर वाले जोड़ों से ज़्यादा खुशकिस्मत हो सकते हैं।
वहीं दूसरी तरफ खुद से ज़्यादा उम्र के पुरुष या महिला से शादी करने वाले लोगों को 6-10 साल बाद शादी से मिलने वाली संतुष्टि में बहुत बड़ा अंतर आ सकता है। इसी तरह जब विवाहित जीवन के उतार-चढ़ाव से निपटने की बात आती है, तो समान-आयु वाले कपल्स को तनाव से निपटने में उम्र में अंतर वाले जोड़ों से आसानी होती है।
आज हम अपने खास खबर डॉट कॉम के पाठकों को कुछ ऐसी समस्याओं के बारे में बताने जा रहे हैं जो पति पत्नी के बीच में उम्र में फर्क होने पर सामने आती हैं।
बच्चों को लेकर निर्णय न ले पाना

अधिक उम्र के अंतर वाले कपल्स को बच्चे पैदा करने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। हो सकता है कपल्स में से एक बच्चा पैदा करना चाहता हो और दूसरा नहीं करना चाहता हो। बढ़ती उम्र के कारण हो सकता है उम्र में बड़े पार्टनर का बच्चे पैदा करने का समय निकलता जा रहा हो क्योंकि समय के मुताबिक फर्टिलिटी कम होती जाती है। अब ऐसे में सामने वाला बच्चे के लिए तैयार न हो तो ऐसे में समस्या पैदा हो सकती है।
साथी को दोषी ठहराना

उम्र के अधिक अंतर वाले कपल्स की शादी के बाद यह सबसे कॉमन प्रॉब्लम है। शादी के बाद आस-पास के लोग कई तरह की आलोचना करेंगे और नीचा दिखाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ेंगे। ऐसे में हो सकता है कि आप दोनों के बीच इस बात को लेकर मनमुटाव या झगड़े शुरू हो जाएं और फिर आप दोनों एक-दूसरे पर दोषारोपण करने लगें। ऐसे में आप कई मामलों में पार्टनर को भी दोषी को ठहरा सकते हैं, जो कि उम्र के अधिक अंतर के साथ पैदा होने वाली कॉमन समस्या है।
सामाजिक चुनौती

हमारे समाज में भी पति-पत्नी के बीच बहुत ज्यादा अंतर को अभी पूरी तरह स्वीकारा नहीं जाता। ऐसे में यदि लड़की उम्र में ज्यादा बड़ी हो तो चुनौतियां और ज्यादा बढ़ जाती हैं। समाज इन्हें अपने हिसाब से जज करता है और कई बार दोनों को लेकर व्यंग्य भी किए जाते हैं। अगर दोनों के बीच किसी तरह की दिक्कत हो जाए तो समाज उम्र के फासले की दुहाई देने से पीछे नहीं हटता।

प्राथमिकताएं अलग-अलग हो सकती हैं

यदि दोनों साथी पूरी तरह से अलग-अलग पीढ़ियों से हैं, तो कुछ संगतता समस्याएं होना तय है। उन दोनों की अलग-अलग मानसिकता और राय हो सकती है जो बहस और झगड़े के दौरान प्रमुख रूप से टकरा सकती हैं। उनकी अलग-अलग प्राथमिकताएं भी हो सकती हैं जो एक-दूसरे के साथ अच्छी तरह से नहीं बैठ सकती हैं।
सेक्स लाइफ में समस्या

सेक्स कम्पैटिबिलिटी की बात आती है तो उम्र के अधिक गैप के कारण समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसका कारण है कि उम्र में जो भी पार्टनर बड़ा होगा समय के साथ यौन इच्छा या कामेच्छा का सामना करना पड़ सकता है, जो छोटे साथी को परेशान कर सकता है। ऐसे में फिजिकल सेटिस्फेक्शन न मिलने के कारण रिलेशन में कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

उम्र के अन्तर को कुछ इस तरह से समझ सकते हैं—
—हार्मोंस चेंज के कारण लड़कियां जल्दी उम्रदराज दिखाई देने लगती हैं। इसलिए एक समान उम्र होने पर पत्नी, पति से जल्दी बूढ़ी दिखाई देने लगेगी।
—एक रिपोर्ट की माने तो लड़कों में 26 की उम्र में जिम्मेदारी आती है जबकि लड़कियों को यह अहसास पांच साल पहले ही हो जाता है। इसलिए अगर लड़का उम्र में बड़ा हुआ तो अपनी जिम्मेदारी को समझ पाएगा।
—एक सी उम्र होने पर जिम्मेदारी वाली भावना का अभाव होता है और दोनों को ही परेशान होना पड़ेगा।
—समान उम्र वाले कपल में रिस्पेक्ट की कमी देखी जाती है। एज गैप होने से किसी फैसले का दोनों सम्मान करेंगे। साथ ही एक-दूसरे को सपोर्ट भी करेंगे।
—समान उम्र वालों की सोच में टकराव हो सकता है। सोच ना मिलने पर आपसी समझदारी पनप नहीं पाती और छोटी-छोटी बातों पर लड़ाइयां शुरू हो जाती हैं।
—ऐज गैप होने पर आकर्षण बना रहता है जिससे दोनों का प्यार और मजबूत होता है।
—बायोलॉजिकल तर्क के अनुसार शादी में अगर पुरुष की उम्र महिला से ज्यादा होती है तो ज्यादा अच्छा माना जाता है।
नोट—यह लेखक के अपने निजी विचार हैं। जरूरी नहीं कि आप इन विचारों से सहमत हों।

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