
Finance Bill 2026 Passed in Lok Sabha : लोकसभा ने बुधवार (25 मार्च 2026) को 32 सरकारी संशोधनों के साथ वित्त विधेयक 2026 को पारित कर दिया. इसके साथ ही निचले सदन ने बजट 2026-27 की मंजूरी की अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है. अब ये विधेयक राज्यसभा में विचार के लिए पेश किया जाएगा. राज्यसभा की मंजूरी के बाद बजट 2026-27 की पूरी प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी हो जाएगी.
केंद्र सरकार के बजट 2026-27 में कुल खर्च ₹53.47 लाख करोड़ प्रस्तावित किया गया है. ये मौजूदा वित्त वर्ष (31 मार्च को समाप्त) की तुलना में 7.7% अधिक है. अगले वित्त वर्ष के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर ₹12.2 लाख करोड़ रखा गया है. सरकार ने ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू ₹44.04 लाख करोड़ रहने का अनुमान जताया है, जबकि ग्रॉस उधारी ₹17.2 लाख करोड़ प्रस्तावित की गई है. वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा GDP के 4.3% रहने का अनुमान है. ये मौजूदा वित्त वर्ष के 4.4% से थोड़ा कम है.
फाइनेंस बिल के अलावा सरकार के लोकसभा में विचार और पारित करने के लिए इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड संशोधन विधेयक 2025 पेश करने की भी संभावना है. प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य देश में इज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार करना है.
बजट में हुई थी बड़ी घोषणाएं
वित्त मंत्री ने 1 फरवरी 2026 को अपने बजट भाषण में कई महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की थी. बजट में 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए आयकर कानून (Income Tax Act) को पेश किया गया था. इसका उद्देश्य नियमों और फॉर्म को सरल बनाकर करदाताओं के लिए कंप्लायंस को आसान बनाना है. इसके अलावा, विदेश यात्रा पैकेज, शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए किए जाने वाले एलआरएस (LRS) रेमिटेंस पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) घटाकर 2% कर दिया गया है. इससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. सरकार ने संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख भी बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है. इससे करदाताओं को अपनी गलतियां सुधारने के लिए अधिक समय मिलेगा.





