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लता मंगेशकर से बिगड़े रिश्ते, पहली शादी बनी दर्द की वजह, फिर हुई आशा भोसले की लाइफ में आरडी बर्मन की एंट्री

Asha Bhosle And RD Burman Love Story: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले ने अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज किया है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही। उनकी कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि रिश्तों, दर्द और फिर नए सिरे से जिंदगी जीने की भी है। लता मंगेशकर और आशा भोसले भारतीय संगीत की दो सबसे बड़ी हस्तियां रही हैं। दोनों बहनों ने मिलकर अपने परिवार को मुश्किल हालात से बाहर निकाला।

लता मंगेशकर से बिगड़े रिश्ते, पहली शादी बनी दर्द की वजह, फिर हुई आशा भोसले की लाइफ में आरडी बर्मन की एंट्री
लता मंगेशकर से बिगड़े रिश्ते, पहली शादी बनी दर्द की वजह, फिर हुई आशा भोसले की लाइफ में आरडी बर्मन की एंट्री

आशा भोसले का कम उम्र में अपने परिवार के खिलाफ जाकर गणपत राव भोसले से शादी करना रिश्तों में खटास की वजह बना। इस फैसले से परिवार नाराज हो गया और बहनों के बीच दूरी आ गई। दोनों ने कभी खुलकर इस राइवलरी को स्वीकार नहीं किया, लेकिन वक्त के साथ रिश्ते फिर सामान्य हुए और एक-दूसरे के लिए सम्मान हमेशा बना रहा।

पहली शादी बनी दर्द की वजह

महज 16 साल की उम्र में आशा भोसले ने गणपत राव भोसले से शादी कर ली, जो उनसे काफी बड़े थे। यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। शादी के बाद उन्हें कई मुश्किलों और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। यहां तक कि प्रेग्नेंसी के दौरान ही उन्हें घर से निकाल दिया गया। आखिरकार 11 साल बाद यह रिश्ता टूट गया।

आरडी बर्मन संग मिला सच्चा प्यार

पहली शादी टूटने के बाद आशा भोसले की जिंदगी में आरडी बर्मन की एंट्री हुई। दोनों की मुलाकात रिकॉर्डिंग के दौरान हुई और यहीं से प्यार की शुरुआत हुई। आरडी बर्मन आशा से 6 साल छोटे थे, लेकिन उम्र का यह अंतर उनके रिश्ते के बीच कभी नहीं आया। साल 1980 में दोनों ने शादी कर ली और साथ मिलकर कई सुपरहिट गाने दिए। उनकी जोड़ी संगीत की दुनिया में आज भी मिसाल मानी जाती है।

निजी जिंदगी के बड़े झटके

की जिंदगी में दुखों का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ। 1994 में आरडी बर्मन का निधन हो गया, जिससे वह पूरी तरह टूट गईं। इसके बाद 2012 में आशा भोसले की बेटी वर्षा भोसले ने आत्महत्या कर ली, वहीं 2015 में बेटे हेमंत भोसले का कैंसर से निधन हो गया। इन घटनाओं ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।

हर दर्द के बाद भी कायम रही पहचान

इतनी मुश्किलों के बावजूद आशा भोसले ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने दर्द को अपनी गायकी में ढाला और हर दौर में खुद को साबित किया। आज भी वह में एक प्रेरणा हैं। आशा भोसले की कहानी बताती है कि जिंदगी कितनी भी कठिन क्यों न हो, हिम्मत और जुनून से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।

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