म्यूजिक इंडस्ट्री की सुरों की मलिका आशा भोसले ने दुनिया से अलविदा ले लिया है. इस खबर ने उनके फैंस को सदमे में डाल दिया है. फिल्मी दुनिया के भी सितारों ने उनके निधन की खबर पर शोक जताया है. 10 साल की उम्र से ही आशा भोसले ने गाना शुरू कर दिया था और कमाल की बात ये है कि अपने निधन के कुछ वक्त पहले तक अपनी आवाज का जादू बिखेरती रही हैं. हालांकि, उनका गाने का स्टाइल काफी कमाल का था, जो उन्होंने अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर की वजह से ही बदला था.

भारतीय संगीत जगत में और का नाम हमेशा साथ लिया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक समय ऐसा भी आया था जब आशा भोसले ने अपनी ही बड़ी बहन की वजह से गाने का स्टाइल बदलने का फैसला कर लिया था. दरअसल, दोनों बहनें एक ही दौर में इंडस्ट्री में एक्टि थीं और लता मंगेशकर पहले से ही सुपरहिट आवाज बन चुकी थीं. ऐसे में आशा भोसले को खुद की पहचान बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी थी, लेकिन एक इंसिडेंस की वजह से उन्होंने अपना स्टाइल ही चेंज कर लिया.
क्या था पूरा मामला?
एक पुराने इंटरव्यू में आशा भोसले ने स्वीकार किया था कि उन्हें कई बार लगता था कि जब तक लता मंगेशकर इंडस्ट्री में हैं, तब तक उन्हें काम मिलना मुश्किल हो सकता है. उन्होंने बताया था कि एक प्रोडक्शन कंपनी के आदमी ने मुझे फोन किया. उन दिनों, म्यूजिक रिकॉर्ड पर सिंगर्स के नाम नहीं, बल्कि एक्टर्स के नाम होते थे. उस फिल्म में एक्ट्रेस आशा पारेख थीं, इसलिए रिकॉर्ड का नाम टेम्परोरी तौर पर आशा पिक्चर्स रखा गया था. उन्होंने लता मंगेशकर की आवाज को आशा भोसले की आवाज समझ लिया.
‘काम नहीं मिलेगा’
आगे सिंगर ने कहा कि उस प्रोडक्शन कंपनी के आदमी ने कहा कि ये आशा का गाना है, जिस पर सिंगर ने कहा, ‘नहीं, ये मैं नहीं हूं, ये मेरी बहन का गाना है.’ फिर उन्होंने माफी मांगी और कहा, ‘मेरी गलती है’. इसके बाद से आशा भोसले को डर सताने लगा था कि अगर वो भी उसी तरह गाती रहीं, तो उन्हें अपनी अलग पहचान बनाना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने कहा, मैंने मन ही मन सोचा, अगर मैं दीदी की तरह ही गाती रहूंगी, तो जब तक दीदी इस पेशे में हैं, मुझे कभी काम नहीं मिलेगा.
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बदला अपना स्टाइल
आगे उन्होंने कहा मेरी अपनी कोई पहचान या शोहरत नहीं होगी. इस घटना के बाद, मैंने अपने गाने का अंदाज बदलना शुरू कर दिया. मैंने अंग्रेज़ी फिल्में देखना शुरू किया ताकि वेस्टर्न गाने सीख सकूं, देख सकूं कि वे अंग्रेजी में कैसे गाते हैं. मैंने कव्वाली, गजल गाना भी सीखा, और गाने के अलग-अलग रूपों में जरूरी आवाज के उतार-चढ़ाव भी सीखे. मैंने सब कुछ सीखना शुरू कर दिया. अंग्रेजी फिल्मों से गाने का अंदाज सीखा और अलग-अलग जॉनर में प्रयोग करने लगीं.
सबसे वर्सेटाइल सिंगर्स
आशा भोसले ने केवल रोमांटिक गानों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने कैबरे, गजल, कव्वाली और पॉप जैसे कई अलग-अलग स्टाइल में गाना शुरू किया. उन्होंने आवाज में मॉड्यूलेशन, एक्सप्रेशन और अलग टोन का इस्तेमाल कर अपनी अलग पहचान बनाई. यही वजह रही कि बाद में उन्हें इंडस्ट्री की सबसे वर्सेटाइल सिंगर्स में गिना जाने लगा और उनका अंदाज लता मंगेशकर से बिल्कुल अलग नजर आया.





