केंद्र सरकार ने कुछ पुराने केंद्रीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने महंगाई राहत यानी Dearness Relief (DR) बढ़ाने का ऐलान किया है. यह फैसला उन रिटायर्ड कर्मचारियों और परिवार लाभार्थियों के लिए है, जो अब भी 5वें वेतन आयोग (5th CPC) से जुड़े मुआवजा ढांचे के तहत लाभ ले रहे हैं.

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoP&PW) ने 22 मई 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम में इसकी जानकारी दी. नए DR रेट 1 जुलाई 2025 और 1 जनवरी 2026 से लागू होंगे. सरकारी आदेश में कहा गया है कि 5वें वेतन आयोग के तहत बेसिक एक्स-ग्रेशिया पेमेंट पाने वाले CPF (Contributory Provident Fund) लाभार्थियों की महंगाई राहत बढ़ाई जाएगी.
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
यह बढ़ा हुआ DR सीमित श्रेणी के पुराने CPF लाभार्थियों और उनके परिवार के पात्र सदस्यों को मिलेगा. पहली श्रेणी में वे CPF रिटायर्ड कर्मचारी शामिल हैं, जो 18 नवंबर 1960 से 31 दिसंबर 1985 के बीच रिटायर हुए थे और एक्स-ग्रेशिया पेमेंट पा रहे हैं.
इन लोगों के लिए DR की नई दरें इस प्रकार होंगी.
1 जुलाई 2025 से 474%
1 जनवरी 2026 से 483%
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यह बढ़ोतरी उन लाभार्थियों पर लागू होगी, जिन्हें ग्रुप A, B, C और D कर्मचारियों के हिसाब से क्रमशः 3000 रुपये, 1000 रुपये, 750 रुपये और 650 रुपये का एक्स-ग्रेशिया मिलता है.
परिवार के सदस्यों को भी मिलेगा लाभ
दूसरी श्रेणी में मृत CPF कर्मचारियों की विधवाएं और आश्रित बच्चे शामिल हैं. इसमें वे कर्मचारी भी शामिल हैं, जो 1 जनवरी 1986 से पहले रिटायर हुए थे या नौकरी के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी. इन लाभार्थियों को फिलहाल 645 रुपये प्रति माह का संशोधित एक्स-ग्रेशिया मिलता है. अब इन्हें मिलेगा.
1 जुलाई 2025 से 466% DR
1 जनवरी 2026 से 475% DR
सरकार ने यह भी साफ किया है कि DR की गणना में अगर कोई राशि दशमलव में आती है तो उसे अगले पूरे रुपये में राउंड ऑफ किया जाएगा.
बैंक करेंगे DR की गणना
सरकार के मुताबिक, हर मामले में सही DR राशि की गणना की जिम्मेदारी पेंशन देने वाली एजेंसियों और सरकारी बैंकों की होगी. यह आदेश वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की मंजूरी के बाद जारी किया गया है. वहीं भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग के कर्मचारियों के मामलों में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से भी सलाह ली गई है. सरकार ने साफ किया है कि यह संशोधित DR केवल उन्हीं पुराने CPF लाभार्थियों पर लागू होगा, जो अब भी 5वें वेतन आयोग के तहत लाभ प्राप्त कर रहे हैं.





