गुरुवार, 16 जुलाई 2026 ब्रेकिंग
NEET UG 2026 Result जारी: 11.21 लाख छात्र हुए सफल, 58% से ज्यादा छात्राएं, पेपर लीक के बाद हुए री-एग्जाम का आया परिणाम​ | क्या ध्वस्त होगी सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद? 30 दिन में परिसर खाली करने के आदेश, 6.41 करोड़ की होगी वसूली​ | NEET UG 2026 Result जारी: 11.21 लाख छात्र हुए सफल, 58% से ज्यादा छात्राओं ने बनाई जगह, पेपर लीक के बाद हुए री-एग्जाम का आया परिणाम​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि की सफाई… क्या प्रायश्चित करने से धुल जाएंगे पाप?​

Ram Mandir Donation Case: श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने साफ कह दिया है कि वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से यह खबर मीडिया में चलाई जा रही है मैं ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाला हूं, जबकि सच तो ये है […]

Ram Mandir Donation Case: श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने साफ कह दिया है कि वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से यह खबर मीडिया में चलाई जा रही है मैं ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाला हूं, जबकि सच तो ये है कि मैंने ऐसा कभी कहा ही नहीं और न ही कहूंगा. मैं छत्रपति शिवाजी महाराज का अनुयायी हूं, भागने वालों में से नहीं हूं.

गोविंद देव गिरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह घटना हमारे लिए बड़ा झटका है और शर्म की बात है, क्योंकि यह भगवान में हुई है. इसके लिए हम स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए था लेकिन प्रायश्चित के रूप में मैं इस्तीफा नहीं दूंगा बल्कि ऐसी गलतियां दोबारा न हों, इसके लिए व्यवस्था को और मजबूत करेंगे. मैंने अपना जप बढ़ा दिया है और प्रायश्चित के कई अन्य तरीके भी हैं.

जनता का विश्वास फिर से कायम करेंगे

उन्होंने कहा कि देशभर के लोगों का विश्वास दोबारा कायम किए बिना हम चैन से नहीं बैठेंगे. कोषाध्यक्ष होने के नाते रोज प्रायश्चित कर रहा हूं. जाप कर रहा हूं. मंदिर में 70 पंडित 10 दिन का अनुष्ठान करेंगे. गोविंद देव गिरी ने कहा कि चंपत राय की लापरवाही इस पूरे मामले की वजह बनी. कोषाध्यक्ष के रूप में कोष में आने वाले धन का हिसाबकिताब और खर्च पर नियंत्रण रखना मेरी जिम्मेदारी है. इसी काम के लिए अकाउंटेंट नियुक्त किए गए हैं, जो हर महीने खातों की जांच करते हैं.

गोविंद गिरी की PC की बड़ी बातें

  1. राम मंदिर में हुई कथित चोरी के मामले में एसआईटी जांच चल रही है, जिससे मैं संतुष्ट हूं. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है, उससे भी मैं संतुष्ट हूं. चंपत राय ने अपना इस्तीफा स्वयं दिया है. इस्तीफा दिए जाने के बाद उसे स्वीकार किया जाता है.
  2. दान के रूप में आने वाले धन के संग्रहण से मेरा कोई सीधा संबंध नहीं था. स्थानीय ट्रस्टी यह काम देख रहे थे. आयव्यय की जिम्मेदारी मैं स्वीकार करता हूं. यह व्यवस्था केवल ट्रस्ट के भरोसे नहीं थी, बल्कि एसबीआई की ओर से कर्मचारी नियुक्त किए गए थे.
  3. एसबीआई देश की प्रतिष्ठित बैंक है, इसलिए हमने उस पर विश्वास किया. मेरी ओर से कोई गलत बयान न जोड़ा जाए. जो हुआ वह अपराध है और मुझे उसका गहरा दुख है. इस घटना से शर्म के कारण मेरा सिर झुक गया है. दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए.
  4. मैं 1993 से पुणे के इसी निवास स्थान पर रह रहा हूं. यहां कुल 10 प्लॉट हैं, जिनमें से 3 जगह लोगों का निवास है और 5 संस्थानों की संपत्ति है. एक बैंक अकाउंट को छोड़कर मेरे नाम पर कोई संपत्ति नहीं है. मीडिया में मेरे बारे में गलत खबरें चलाई गईं.
  5. राम मंदिर चोरी मामले में जिनकी जिम्मेदारी बनती है, उन्हें अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए. दानपेटी की गिनती के दौरान सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, लेकिन चोरी करने वालों ने कैमरों की आड़ लेकर वारदात को अंजाम दिया.
  6. चोरी की रकम को लेकर बढ़ाचढ़ाकर आंकड़े बताए जा रहे हैं. मेरी जानकारी के अनुसार यह राशि लगभग 3 करोड़ रुपये के आसपास हो सकती है. इससे अधिक बताए जा रहे आंकड़े गलत हैं. इस पूरे मामले में मेरी कोई भूमिका नहीं है.
  7. राम मंदिर चोरी मामले का किसी भी राजनीतिक दल या संगठन से कोई संबंध नहीं है. सांसदों को तोड़ने या राजनीतिक आरोपों से जुड़े सवाल पर कहा कि ऐसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं और मैं उन्हें स्वीकार नहीं करता.
  8. हमने 2,926 वस्तुओं का पूरा विवरण सार्वजनिक किया है. इनमें बहुमूल्य हार, पादुका और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं. सिंधी समाज की ओर से यह सवाल उठाया गया कि उनकी ओर से दान की गई 200 सोने की ईंटें कहां गईं. इस संबंध में हमें उनका पत्र मिला था, जिसका हमने जवाब दिया. बाद में सिंधी समाज ने भी हमें पत्र लिखकर कहा कि उनसे यह बात भूलवश कही गई थी.
  9. दान की गिनती के दौरान अंदर जाने वाले लोगों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है. अब CCTV कैमरे बंद नहीं किए जा सकेंगे. पहले मेज पर बैठकर नकदी की गिनती होती थी, उस व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा. साथ ही बाहर निकलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की तलाशी भी ली जाएगी.
  10. गोविंद देव गिरी ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट अंतिम सत्य नहीं होती. एसआईटी को अपने निष्कर्षों को सबूतों के आधार पर सिद्ध करना होगा, उसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी.
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY