Viral

राजस्थान में ACB का शिकंजा, डूंगरपुर में VDO को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा


राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार तेज होता जा रहा है और रोजाना नए मामलों में कार्रवाई सामने आ रही है। इसी कड़ी में डूंगरपुर जिले से भ्रष्टाचार का एक और मामला उजागर हुआ है, जहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

ACB की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आम लोगों को किस तरह भ्रष्ट सिस्टम का सामना करना पड़ रहा है।

पट्टा जारी करने के नाम पर वसूली का खेल
मामला सीमलवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत माण्डली का है। यहां तैनात ग्राम विकास अधिकारी रमेश चन्द्र सुवालका पर आरोप है कि उसने एक परिवादी से उसके और उसके भाई के घर के पट्टे जारी करने के बदले 8,000 रुपये की रिश्वत मांगी।

परिवादी के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने पहले ही 4,000 रुपये ले लिए थे और इसके बदले एक घर का पट्टा जारी भी कर दिया था। लेकिन दूसरे भाई के नाम पट्टा जारी करने के लिए वह शेष 4,000 रुपये की मांग पर अड़ा हुआ था।

ACB के पास पहुंची शिकायत, हुआ सत्यापन
भ्रष्टाचार से परेशान परिवादी ने आखिरकार ACB से संपर्क किया और पूरी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद डूंगरपुर ACB के उपाधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 18 मार्च 2026 को शिकायत का सत्यापन कराया।

सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हो गई कि ग्राम विकास अधिकारी द्वारा वास्तव में रिश्वत की मांग की जा रही है। इसके बाद ACB ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप प्लान तैयार किया।

जाल बिछाकर रंगे हाथ दबोचा
20 मार्च 2026 को ACB की टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन और उपाधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची।

जैसे ही परिवादी ने आरोपी को 4,000 रुपये की रिश्वत दी, ACB टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि आरोपी को भनक तक न लगे।

पूछताछ जारी, और खुलासों की उम्मीद
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ग्राम विकास अधिकारी से पूछताछ की जा रही है। ACB को आशंका है कि यह मामला अकेला नहीं हो सकता और आरोपी पहले भी इसी तरह रिश्वत लेकर कई काम कर चुका हो सकता है।

टीम अब आरोपी के पिछले रिकॉर्ड और अन्य संभावित शिकायतों की भी जांच कर रही है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
ACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

राजस्थान में बढ़ती कार्रवाई, सिस्टम पर सख्ती
राजस्थान में ACB की लगातार हो रही कार्रवाइयों से यह संकेत मिल रहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और एजेंसियां सख्त रुख अपनाए हुए हैं। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर रिश्वतखोरी के मामले सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल भी खड़े कर रहा है।

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply