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राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों में देरी पर बडी खबर-जानें विस्तार से


जयपुर. Rajasthan Urban Body And Panchayat Elections Update: राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों में देरी को लेकर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद बढ़ गया है। आयोग की छह चिट्ठियों पर जवाब नहीं मिला, जबकि आरक्षण तय नहीं होने से पंचायत चुनाव कार्यक्रम भी अटका हुआ है।

राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ है। चुनावों में हो रही देरी को लेकर मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया है, जहां इस पर सुनवाई निर्धारित है।

हाईकोर्ट में कंटेंप्ट पर सुनवाई
प्रदेश में चुनावों में देरी को लेकर हाईकोर्ट की डबल बेंच में मंगलवार को कंटेंप्ट याचिका पर सुनवाई होनी है। हालांकि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब तक इस संबंध में कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।

याचिकाकर्ता का दावा- नोटिस भेजे जा चुके
दूसरी ओर याचिकाकर्ता संयम लोढ़ा का कहना है कि आयोग और सरकार को स्पीड पोस्ट, ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से नोटिस भेजे जा चुके हैं। उनके अनुसार, इन नोटिसों की रसीद भी उनके पास उपलब्ध है।

आयोग की चिट्ठियों पर नहीं मिला जवाब
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार निकायों में परिसीमन को लेकर सरकार को बार-बार पत्र लिखे गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 396 निकायों में से 113 निकायों के परिसीमन को लेकर विवाद था। इस संबंध में आयोग ने 11 दिसंबर 2025 से 3 फरवरी 2026 के बीच स्वायत्त शासन विभाग को छह चिट्ठियां भेजीं, लेकिन किसी का भी जवाब नहीं दिया गया।

बिना जवाब के जारी किया कार्यक्रम
सरकार की ओर से जवाब नहीं मिलने के बावजूद आयोग ने 196 निकायों के लिए मतदाता सूची अद्यतन करने का कार्यक्रम जारी कर दिया। अधिकारियों के अनुसार यह कदम चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया।

पंचायत चुनाव भी अटके
पंचायत चुनावों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। आयोग का कहना है कि पंचायतों का परिसीमन तो पूरा हो चुका है, लेकिन आरक्षण तय नहीं होने के कारण चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया जा पा रहा है।

राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के नियम (5) व (6) के अनुसार पंचायतों में वार्डों का एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षण राज्य सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी ही तय कर सकता है। आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि बिना आरक्षण तय किए चुनाव कराना संभव नहीं है।

khabarmonkey@gmail.com

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