
राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट लेकर आमजन और किसानों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला, जिसका असर अब भी जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी 29 जिलों में तेज बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है।
इन जिलों में दिखा सबसे ज्यादा असर
पिछले 24 घंटे में राज्य के उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, जयपुर, अजमेर, अलवर और टोंक समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश के साथ ओले गिरने से हालात बिगड़ गए।
कहां कितनी बारिश हुई, आंकड़े बोले
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो अजमेर में सबसे अधिक 17.6 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा हनुमानगढ़ में 11.5 मिमी, झुंझुनूं में 12.2 मिमी, नागौर में 4 मिमी, श्रीगंगानगर में 1.4 मिमी, जोधपुर में 1.5 मिमी, सीकर में 3 मिमी और पिलानी में 1.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
जयपुर में अंधड़ बना जानलेवा
तेज आंधी और बारिश का सबसे दुखद असर जयपुर में देखने को मिला, जहां अंधड़ के कारण दो लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ। शहरों में ट्रैफिक बाधित रहा और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
खेतों में तबाही, किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम के इस बदले मिजाज का सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है। सरसों, गेहूं और चने की फसलें कटाई के दौर में थीं, ऐसे में ओलावृष्टि और बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। कई जगहों पर फसल पूरी तरह बिछ गई है।
मंडियों में भीगी फसल, व्यापारियों की चिंता
मंडियों में भी हालात खराब रहे। खुले में रखी उपज बारिश में भीग गई, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। व्यापारी भी चिंतित हैं क्योंकि भीगी हुई फसल की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे बाजार भाव गिरने की आशंका बढ़ गई है।
तापमान में भारी गिरावट, मौसम हुआ सुहावना
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ नजर आया है। श्रीगंगानगर सहित कई शहरों में अधिकतम तापमान में 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को दिन में हल्की ठंडक महसूस की गई, जो इस मौसम में सामान्य नहीं मानी जाती।
इन शहरों में अब भी गर्मी बरकरार
हालांकि, कुछ शहरों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा। चित्तौड़गढ़ और अलवर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा।
पश्चिमी विक्षोभ बना वजह, आगे भी असर जारी
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसके चलते अगले 24 घंटों में भी कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। विभाग ने किसानों को सतर्क रहने और फसल को सुरक्षित रखने के उपाय करने की सलाह दी है।
प्रशासन अलर्ट, नुकसान का आकलन शुरू
प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। प्रभावित जिलों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है और राहत कार्यों की तैयारी की जा रही है।
राहत और चिंता के बीच नजरें मौसम पर
राजस्थान में इस असमय बारिश और ओलावृष्टि ने जहां गर्मी से थोड़ी राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह बड़ी चिंता बनकर सामने आई है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख कैसा रहता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





