Wednesday, April 1, 2026
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युद्ध और होर्मुज संकट के बीच तेल पर TAX आधा कर इस देश ने सस्ता कर दिया पेट्रोल-डीजल


Petrol-Diesel Tax: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. 30 मार्च को कच्चा तेल 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया. क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमत और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पाबंदी की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन टूटने से उन देशों में ऊर्जा संकट पैदा हो रहा है, जो अपनी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं. कुछ देशों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है, जैसे कि पाकिस्तान, श्रीलंका और चीन तो, वहीं कुछ देश बढ़ती कीमत के दबाव को झेल रहे हैं. इस बीच ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने आम लोगों पर पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम के बोझ को कम करने के लिए टैक्स (Tax) में बड़ी कटौती की है.

ऑस्ट्रेलिया ने आधा कर दिया पेट्रोल पर टैक्स, कितनी मिलेगी लोगों को राहत ?
ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए, बढ़ती कीमत का बोझ आम लोगों पर न पड़े इसके लिए टैक्स में बड़ी कटौती कर दी है. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने तेल की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करने के लिए फ्यूल टैक्स में 50% की कटौती करने का फैसला किया है. सरकार ने नेशनल फ्यूल सिक्योरिटी प्लान जारी कर दिया. अगले तीन महीनों के लिए तेल पर टैक्स को आधा कर फ्यूल सस्ता कर दिया है. ऑस्ट्रेलिया में प्रति लीटर पेट्रोल पर 52 सेंट्स का सेल्स टैक्स वसूला जाता है. अब इस सेल्स टैक्स को अगले तीन महीनों यानी जून 2026 तक के लिए आधा कर 26 सेंट कर दिया गया है. सरकार को इस फैसले से 1.75 अरब डॉलर का नुकसान होगा. हालांकि, सरकार के इस फैसले से वहां पेट्रोल-डीजल दोनों सस्ता हो गया है.

भारत में पेट्रोल-डीजल पर कितना लगता है टैक्स
हाल ही में केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये का एक्साइज ड्यूटी टैक्स कम किया था. हालांकि, उस फैसले से आम जनता के लिए तेल की कीमतों में कोई फर्क नहीं पड़ा है. भारत में प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों टैक्स वसूलती है. इसके अलावा डीलर का कमीशन भी जुड़ा होता है. केंद्र सरकार के एक्साइज ड्यूटी, स्टेट के VAT ,डीलरशिप जैसे तमाम टैक्स उसमें जुड़ते जाते हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय के Petroleum Planning and Analysis Cell (PPAC) के डेटा के मुताबिक 1 लीटर पेट्रोल पर करीब 21.90 रुपये सेंट्रल कस्टम ड्यूटी लगती है, जिसमें 1.40 रुपये बेसिक एक्साइज, 13 रुपये स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, 2.50 रुपये एग्रीकल्चर और इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस और 5 रुपये रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस लगता है. हाल ही में सरकार ने इसमें 10 रुपये की कटौती की है, जिसके बाद यह 11.90 रुपये प्रति लीटर हो गया है. 1 लीटर पर पेट्रोल पर दिल्ली में 15.40 रुपये VAT लगता है. जबकि डीजल पर यह 12.3 रुपये है. बता दें कि हर राज्य का वैट अलग-अलग होता है. सेंट्रल और स्टेट वैट के अलावा तेल कंपनियां ग्राहकों से डीलर कमीशन भी वसूलती है. ये सारे चार्ज जुड़ने के बाद पेट्रोल-डीजल का फाइनल रेट तय होता है.

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