
मुजफ्फरनगर; मुजफ्फरनगर जनपद में इन दिनों धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है. प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई उन लाउडस्पीकरों के खिलाफ की जा रही है, जो निर्धारित नियमों और ध्वनि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन कर रहे थे. इस अभियान का उद्देश्य आम जनता को ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाना और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना है.
जानिए पूरा मामला ?
दरअसल, जनपद के सिविल लाइन थाना और खालापार थाना क्षेत्र में पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की. इस दौरान मस्जिदों से 34 ऐसे लाउडस्पीकर उतारे गए, जो निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में बजाए जा रहे थे. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाउडस्पीकरों को हटवाया और उन्हें थाने में जमा करा दिया.
100 से ज्यादा लाउडस्पीकरों की आवाज कराई कम
बताया जा रहा है कि सिर्फ हटाने की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पुलिस ने 100 से अधिक लाउडस्पीकरों की आवाज को भी मानक के अनुरूप कम कराया. अधिकारियों का कहना है कि जिन स्थानों पर लाउडस्पीकर नियमों के तहत लगे हुए हैं, वहां भी ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य रूप से कराया जा रहा है, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन
इस अभियान के पीछे मुख्य आधार उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देश हैं, जिनमें ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट मानक तय किए गए हैं. पुलिस और प्रशासन इन्हीं आदेशों के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी संस्था या व्यक्ति नियमों का उल्लंघन न करे.
जानिए अपील और आगे की रणनीति
इस संबंध में एसएसपी संजय वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 34 लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई की गई है, जबकि 100 से अधिक की आवाज कम कराई गई है. उन्होंने सभी धार्मिक स्थलों से अपील की है कि लाउडस्पीकरों का उपयोग केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ही करें. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान पहले भी चल रहा था और आगे भी लगातार जारी रहेगा.
जनता को मिलेगी राहत
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है. लगातार हो रही इस सख्ती से यह संदेश भी जा रहा है कि नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है, चाहे वह किसी भी वर्ग या संस्था से जुड़ा हो.





